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नेताओं और राजनयिकों के फेल होने के बाद Pak ने बूढ़े क्रिकेटरों को मैदान में उतारा

शाहिद अफरीदी ने दावा किया है कि वे शुक्रवार (30 अगस्त) को दोपहर 12 बजे मजार-ए-कैद में मौजूद रहेंगे। पाकिस्तान उस घंटे को "कश्मीर का घंटा" (Kashmir Hour) के रूप में मना रहा है।

जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान का हर एक पैंतरा नाकाम हो रहा है। न ही उसके सेना की कठपुतली प्रधानमंत्री इमरान खान और उनका मंत्रिमंडल राजनीतिक तौर पर अपने लोगों को यकीन दिला पा रहा है और न ही उसके राजनयिक कूटनीति का दाँव-पेंच कामयाब हो पा रहा है। ट्रम्प इमरान खान से अपने घर (White House) पर बात करने के बाद कश्मीर पर गच्चा दे गए और उसे हथियार बेच कर बना नया ‘बेस्ट फ्रेंड’ भी हिंदुस्तान के पाले में खड़ा हो गया।

ऐसे में हर मोर्चे पर मुँह की खाने के बाद अब पाकिस्तान ने मैदान में उतारा है बूढ़े हो चुके पूर्व क्रिकेटरों को, जो लोगों को सोशल मीडिया पर बरगला रहे हैं। इनमें से एक हैं शोएब अख्तर को खेलते समय सचिन के ‘काँपते’ पैर देखने का दावा करने वाले पाकिस्तान के ‘चिर-युवा’ शाहिद अफरीदी और दूसरे हैं 1993 के मुंबई बम धमाके कराने वाले डॉन दाऊद इब्राहिम के समधी जावेद मियाँदाद।

शाहिद अफरीदी ने दावा किया है कि वे शुक्रवार (30 अगस्त) को दोपहर 12 बजे मजार-ए-कैद में मौजूद रहेंगे। पाकिस्तान उस घंटे को “कश्मीर का घंटा” (Kashmir Hour) के रूप में मना रहा है। उन्होंने अन्य लोगों से भी शामिल होने की अपील की। साथ ही उन्होंने जल्दी ही LOC पर जाने का भी ऐलान किया है।

इसके अलावा जावेद मियाँदाद ने भी ट्विटर पर घोषणा की कि वे भी LOC पर जाएँगे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर की आड़ में भी हिंदुस्तान पर निशाना साधने की कोशिश की।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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