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‘मेरी अम्मी बुर्का पहन कर…’: 10 विकेट लेने वाले एजाज पटेल ने बताया न्यूजीलैंड में मुस्लिमों का हाल, मस्जिद हमले पर की बात

"जब आतंकी हमला हुआ तो उसमें स्पष्ट रूप से हमारे मुस्लिम समुदाय पर असर हुआ था। काफी घबराहट वाला मौसम था। जुमा का दिन था। हम नमाज पढ़ कर आए थे घर पर। फिर खबर आई।"

हाल ही में मुंबई में हुए टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ एक ही पारी में 10 विकेट लेकर इतिहास रचने वाले न्यूजीलैंड के लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर एजाज पटेल लगातार चर्चा में बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में मस्जिद पर हुए हमले को लेकर भी एजाज पटेल ने कुछ अनुभव साझा किए हैं। मार्च 2019 में वो जुमा का दिन था, जब ये खबर आई। एजाज पटेल ने बताया है कि उसके बाद मुस्लिम समुदाय की हालत क्या थी और खासकर उनके मन में क्या चल रहा था।

एजाज पटेल ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “जब आतंकी हमला हुआ तो उसमें स्पष्ट रूप से हमारे मुस्लिम समुदाय पर असर हुआ था। काफी घबराहट वाला मौसम था। जुमा का दिन था। हम नमाज पढ़ कर आए थे घर पर। फिर खबर आई। जिस तरह से हमारे बॉलर्स और प्रधानमंत्री ने प्रतिक्रिया दी, और जिस तरह से पूरे समुदाय ने जिस तरह से प्रतिक्रिया दी, उस वजह से मैं बोलता हूँ कि हमें प्यार-मोहब्बात दिया और हमारे पूरे समुदाय को उसमें जोड़ा।”

एजाज पटेल ने आगे बताया, “जैसे मेरी अम्मी अगर घर पर बुर्का पहन कर निकलेगी, तो उसमें कोई समस्या नहीं है। वो बिंदास घूम सकती हैं। कोई कुछ बोलेगा नहीं। जो पड़ोसी हैं, जब आतंकी हमला हुआ था तो हमारा नया घर बन रहा था, उन नए पड़ोसियों ने हमें बुर्के में आते-जाते देखा तो सोचा कि मुस्लिम होंगे। जब हमला हुआ, तब उन्होंने एक पौधा लाकर सीढ़ियों पर रख दिया। जबकि हमलोग वहाँ रहते नहीं थे। उन्होंने हमारे लिए पत्र लिख कर भी रखा कि हम आपके समर्थन में हैं।”

एजाज पटेल ने दावा किया कि जिस तरह से वहाँ लोग मिलजुल कर रहते थे, उनके दिल में ये महसूस होता था कि सब एक समुदाय हैं। बता दें कि एजाज पटेल ने 225 रन देकर मैच में कुल 14 विकेट झटके थे। भारत के खिलाफ टेस्ट मैचों के इतिहास में किसी भी गेंदबाज के लिए ये सर्वश्रेष्ठ आँकड़ा है। हालाँकि, इस मैच में ‘मैन ऑफ द मैच’ मयंक अग्रवाल को मिला, जिन्होंने पहली पार्टी में 150 से अधिक रह बनाए और दूसरी पारी में भी पचासा किया।

बता दें कि क्राइस्टचर्च में मस्जिदों पर जुमे की नमाज के दौरान हमले हुए थे। सिर्फ एक बंदूकधारी ने इस हमले को अंजाम दिया था, जिसमें 51 लोग मारे गए थे और 40 घायल हुए थे। 28 साल के हत्यारे को मीडिया ने ‘व्हाइट सुप्रेमासिस्ट’ बताया था। उसने गोलीबारी का वीडियो भी फेसबुक पर प्रसारित किया था। ‘अल नूर’ मस्जिद और ‘लीनवुड इस्लामी सेंटर’ में हमले किए गए थे। एक जगह 44 तो दूसरी जगह 7 लोग मारे गए। आरोपित के बारे में बताया गया था कि वो इस्लामी आतंकवाद से क्षुब्ध था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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