Thursday, July 18, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय9/11 की 18वीं बरसी पर काबुल में अमेरिकी दूतावास पर हुआ रॉकेट से खतरनाक...

9/11 की 18वीं बरसी पर काबुल में अमेरिकी दूतावास पर हुआ रॉकेट से खतरनाक हमला

अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी आतंकी संगठन द्वारा नहीं ली गई हैं, लेकिन ये हमला उस समय हुआ है जब तालिबान पहले ही अमेरिका के सैनिकों के ख़़िलाफ़ बड़े हमले की धमकी दे चुका हैं।

आज 9/11 की 18 वीं बरसी पर अफगानिस्तान के काबुल में अमेरिकी दूतावास पर रॉकेट से एक खतरनाक हमला हुआ। जिसकी तीव्रता काफ़ी ज्यादा बताई जा रही हैं। ये हमला बुधवार तड़के हुआ। हालाँकि, संतोषजनक बात ये है कि इस हमले से कोई घायल नहीं हुआ, जिसकी पुष्टि खुद अधिकारियों ने हमले के एक घंटे बाद की। लेकिन अफगान अधिकारियों द्वारा इस मामले पर कोई तत्काल टिप्पणी नहीं हुई हैं। नाटो मिशन का भी कहना है कि कोई कर्मी घायल नहीं हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो न्यूज एजेंसी शिनहुआ ने इस हमले की जानकारी दी और बताया कि अमेरिकी दूतावास पर हुआ हमला एक रॉकेट हमला था।

जानकारी के अनुसार इस हमले से काबुल में आधी रात धुआँ छा गया था और सायरन बजने की आवाजें आने लगीं थी। जिसके बाद दूतावास के अंदर कर्मचारियों को एक संदेश सुनाई दिया कि परिसर में रॉकेट से हमला हुआ हैं।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा पिछले सप्ताह तालिबान के साथ शांति वार्ता समाप्त करने के बाद, अफगानिस्तान में ये पहला बड़ा हमला हुआ है, वो भी अमेरिकी दूतावास पर। इससे पहले तालिबान कार बमों के धमाकों ने काबुल को झकझोर के रख दिया था, जिसमें वहाँ के कई नागरिक और नाटो मिशन के 2 सदस्य मारे गए थे। इस धमाके के बाद ही ट्रंप ने अमेरिकी सेवा सदस्य की मौत का हवाला देकर अमेरिका-तालिबान शांति वार्ता को समाप्त किया था।

खैर, बता दें कि अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी भी आतंकी संगठन द्वारा नहीं ली गई हैं, लेकिन ये हमला उस समय हुआ है जब तालिबान पहले ही अमेरिका के सैनिकों के ख़़िलाफ़ बड़े हमले की धमकी दे चुका हैं। साथ ही यहाँ ये गौर करने वाली बात है कि इस हमले को 9/11 तारीख को अंजाम दिया गया है। ये वही दिन है जब साल 2001 में हमले के बाद अमेरिकी सेना ने 9/11 के मास्टरमाइंड और अलकायदा के खूँकार आतंकी को ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

साथियों ने हाथ-पाँव पकड़ा, काज़िम अंसारी ने ताबतोड़ घोंपा चाकू… धराया VIP अध्यक्ष मुकेश सहनी के पिता का हत्यारा, रात के डेढ़ बजे घर...

घटना की रात काज़िम अंसारी ने 10-11 बजे के बीच रेकी भी की थी जो CCTV में कैद है। रात के करीब डेढ़ बजे ये लोग पीछे के दरवाजे से घर में घुसे।

प्राइवेट नौकरियों में 75% आरक्षण वाले बिल पर कॉन्ग्रेस सरकार का U-टर्न, वापस लिया फैसला: IT कंपनियों ने दी थी कर्नाटक छोड़ने की धमकी

सिद्धारमैया के फैसले का भारी विरोध भी हो रहा था, जिसकी वजह से कॉन्ग्रेसी सरकार बुरी तरह से घिर गई थी। यही नहीं, इस फैसले की जानकारी देने वाले ट्वीट को भी मुख्यमंत्री को डिलीट करना पड़ा था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -