Thursday, September 24, 2020
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय 'ईसाई हमसे दूर रहें, वे हमारे धर्म को बदलने की कोशिश करते हैं' -...

‘ईसाई हमसे दूर रहें, वे हमारे धर्म को बदलने की कोशिश करते हैं’ – ऑस्ट्रेलिया में आदिवासियों का आंदोलन

"इस मामले में आदिवासी समूह की जीत होगी आदिवासी लोगों को तय करने का पूरा अधिकार है कि उनकी धरती पर कौन आएगा। वो कानून के तहत कह सकते हैं कि कृपया आप हमारे क्षेत्र में न आएँ।"

पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई के रिमोट एरिया में रहने वाले आदिवासी बुजुर्ग अपने क्षेत्र में ईसाइयों पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं। इस समुदाय के बुजुर्गों का आरोप है कि ईसाई उनके धर्म को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही उन्हें उनकी पारंपरिक सभ्यता से भी दूर ले जा रहे हैं। जिसके कारण इन बुजुर्गों ने ईसाई लोगों के ख़िलाफ़ एक आंदोलन भी छेड़ा है।

समुदाय के वरिष्ठ सदस्य चाहते हैं कि ईसाई उनके क्षेत्र से दूर रहें, ताकि उनका समुदाय और उनके मूल्य सदैव संरक्षित रहें। इसी क्रम में इन बुजुर्गों ने एक सामाजिक भेदभाव पर नजर रखने वाली संस्था से भी बात की है। इन लोगों ने पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया की संस्था से पूछा है कि क्या वे इन लोगों को ऐसा करने से मना कर रह सकते हैं और या फिर इस अज्ञात ईसाई समूह को उनके समुदाय में मिलने से रोक सकते हैं।

बता दें कि आदिवासी समूह की परेशानी सुनकर इक्वल ऑपर्ट्यूनिटी आयुक्त ने कहा है कि इस मामले में आदिवासी समूह के बुजुर्ग की जीत होगी क्योंकि धार्मिक विश्वास किसी स्थान विशेष पर लागू नहीं होता है। आदिवासी लोगों को तय करने का पूरा अधिकार है कि उनकी धरती पर कौन आएगा। वो कानून के तहत कह सकते हैं कि कृपया आप हमारे क्षेत्र में न आएँ। क्योंकि हम आपकों नहीं देखना चाहते। उनके अनुसार ,”विभिन्न प्रकार के खतरों के खिलाफ अपनी संस्कृति को बनाए रखना महत्वपूर्ण है।”

गौरतलब है कि ईसाई समूहों के बारे में ये धारणा हर जगह विख्यात है कि वे रिमोट एरिया में जा जाकर लोगों को धर्म परिवर्तन कराते हैं। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में Kingdom Aviation Ministries and Chariots of Fire Ministries भी आते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक किंगडम एविएशन मिनिस्ट्री के समूह सदस्य तो अपनी पहुँच बढ़ाने के लिए हर हफ्ते आदिवासी समूह के पास जाते हैं। कैम की वेबसाइट पर भी इस बात का उल्लेख है कि वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के कई इलाके रिमोट क्षेत्र हैं और जहाँ ईसा मसीह का अनुसरण नहीं किया जाता।

- विज्ञापन -

धर्मान्तरण का ‘ईसाई’ आतंक: यूपी के मऊ में तीन पादरी गिरफ्तार, बीमारी ठीक होने के नाम पर किया सहमत

‘इमारत में गुंबद तो मस्जिद, लंबी-सीधी तो चर्च और अगर गंदी मूर्तियाँ/गुड़ियाँ हैं तो वह एक मंदिर’

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफिरों का खून बहाना होगा, 2-4 पुलिस वालों को भी मारना होगा’ – दिल्ली दंगों के लिए होती थी मीटिंग, वहीं से खुलासा

"हम दिल्ली के मुख्यमंत्री पर दबाव डालें कि वह पूरी हिंसा का आरोप दिल्ली पुलिस पर लगा दें। हमें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना होगा।”

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

…भारत के ताबूत में आखिरी कील, कश्मीरी नहीं बने रहना चाहते भारतीय: फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जो सांसद है

"इस समय कश्मीरी लोग अपने आप को न तो भारतीय समझते हैं, ना ही वे भारतीय बने रहना चाहते हैं।" - भारत के सांसद फारूक अब्दुल्ला ने...

सुरेश अंगड़ी: पहले केन्द्रीय मंत्री, जिनकी मृत्यु कोरोना वायरस की वजह से हुई, लगातार 4 बार रहे सांसद

केन्द्रीय रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी कर्नाटक की बेलागावी सीट से 4 बार सांसद रह चुके थे। उन्होंने साल 2004, 2009, 2014 और 2019 में...

‘PM मोदी को हिन्दुओं के अलावा कुछ और दिखता ही नहीं’: भारत के लिए क्यों अच्छा है ‘Time’ का बिलबिलाना

'Time' ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की शुरुआत में ही लिख दिया है कि लोकतंत्र की चाभी स्वतंत्र चुनावों के पास नहीं होती।

टाइम्स में शामिल ‘दादी’ की सराहना जरूर कीजिए, आखिर उनको क्या पता था शाहीन बाग का अंजाम, वो तो देश बचाने निकली थीं!

आज उन्हें टाइम्स ने साल 2020 की 100 सबसे प्रभावशाली शख्सियतों की सूची में शामिल कर लिया है। खास बात यह है कि टाइम्स पर बिलकिस को लेकर टिप्पणी करने वाली राणा अय्यूब स्वयं हैं।

प्रचलित ख़बरें

नेपाल में 2 km भीतर तक घुसा चीन, उखाड़ फेंके पिलर: स्थानीय लोग और जाँच करने गई टीम को भगाया

चीन द्वारा नेपाल की जमीन पर कब्जा करने का ताजा मामला हुमला जिले में स्थित नामखा-6 के लाप्चा गाँव का है। ये कर्णाली प्रान्त का हिस्सा है।

शो नहीं देखना चाहते तो उपन्यास पढ़ें या फिर टीवी कर लें बंद: ‘UPSC जिहाद’ पर सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़

'UPSC जिहाद' पर रोक को लेकर हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि जिनलोगों को परेशानी है, वे टीवी को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं।

‘ये लोग मुझे फँसा सकते हैं, मुझे डर लग रहा है, मुझे मार देंगे’: मौत से 5 दिन पहले सुशांत का परिवार को SOS

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मौत से 5 दिन पहले सुशांत ने अपनी बहन को एसओएस भेजकर जान का खतरा बताया था।

‘क्या आपके स्तन असली हैं? क्या मैं छू सकता हूँ?’: शर्लिन चोपड़ा ने KWAN टैलेंट एजेंसी के सह-संस्थापक पर लगाया यौन दुर्व्यवहार का आरोप

"मैं चौंक गई। कोई इतना घिनौना सवाल कैसे पूछ सकता है। चाहे असली हो या नकली, आपकी समस्या क्या है? क्या आप एक दर्जी हैं? जो आप स्पर्श करके महसूस करना चाहते हैं। नॉनसेंस।"

‘शिव भी तो लेते हैं ड्रग्स, फिल्मी सितारों ने लिया तो कौन सी बड़ी बात?’ – लेखिका का तंज, संबित पात्रा ने लताड़ा

मेघना का कहना था कि जब हिन्दुओं के भगवान ड्रग्स लेते हैं तो फिर बॉलीवुड सेलेब्स के लेने में कौन सी बड़ी बात हो गई? संबित पात्रा ने इसे घृणित करार दिया।

आफ़ताब दोस्तों के साथ सोने के लिए बनाता था दबाव, भगवान भी आलमारी में रखने पड़ते थे: प्रताड़ना से तंग आकर हिंदू महिला ने...

“कई बार मेरे पति आफ़ताब के द्वारा मुझपर अपने दोस्तों के साथ हमबिस्तर होने का दबाव बनाया गया लेकिन मैं अडिग रहीं। हर रोज मेरे साथ मारपीट हुई। मैं अपना नाम तक भूल गई थी। मेरा नाम तो हरामी और कुतिया पड़ गया था।"

व्यंग्य: बकैत कुमार कृषि बिल पर नाराज – अजीत भारती का वीडियो | Bakait Kumar doesn’t like farm bill 2020

बकैत कुमार आए दिन देश के युवाओं के लिए नोट्स बना रहे हैं, तब भी बदले में उन्हें केवल फेसबुक पर गाली सुनने को मिलती है।

‘गिरती TRP से बौखलाए ABP पत्रकार’: रिपब्लिक टीवी के रिपोर्टर चुनाव विश्लेषक प्रदीप भंडारी को मारा थप्पड़

महाराष्ट्र के मुंबई से रिपोर्टिंग करते हुए रिपब्लिक टीवी के पत्रकार और चुनाव विश्लेषक प्रदीप भंडारी को एबीपी के पत्रकार मनोज वर्मा ने थप्पड़ जड़ दिया।

‘काफिरों का खून बहाना होगा, 2-4 पुलिस वालों को भी मारना होगा’ – दिल्ली दंगों के लिए होती थी मीटिंग, वहीं से खुलासा

"हम दिल्ली के मुख्यमंत्री पर दबाव डालें कि वह पूरी हिंसा का आरोप दिल्ली पुलिस पर लगा दें। हमें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना होगा।”

मैं मुन्ना हूँ: उपन्यास पर मसान फिल्म के निर्माता मनीष मुंद्रा ने स्कैच के जरिए रखी अपनी कहानी

मसान और आँखों देखी फिल्मों के प्रोड्यूसर मनीष मुंद्रा, जो राष्ट्रीय पुरुस्कार प्राप्त निर्माता निर्देशक हैं, ने 'मैं मुन्ना हूँ' उपन्यास को लेकर एक स्केच बना कर ट्विटर किया है।

विदेशी फिदेल कास्त्रो की याद में खर्च किए 27 लाख रुपए… उसी केरल सरकार के पास वेलफेयर पेंशन के पैसे नहीं थे

केरल की सरकार ने क्यूबा के फिदेल कास्त्रो की याद में लाखों रुपए खर्च कर दिए। हैरानी की बात यह थी कि इतना भव्य आयोजन जनता के पैसों से...

पूना पैक्ट: समझौते के बावजूद अंबेडकर ने गाँधी जी के लिए कहा था- मैं उन्हें महात्मा कहने से इंकार करता हूँ

अंबेडकर ने गाँधी जी से कहा, “मैं अपने समुदाय के लिए राजनीतिक शक्ति चाहता हूँ। हमारे जीवित रहने के लिए यह बेहद आवश्यक है।"

…भारत के ताबूत में आखिरी कील, कश्मीरी नहीं बने रहना चाहते भारतीय: फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जो सांसद है

"इस समय कश्मीरी लोग अपने आप को न तो भारतीय समझते हैं, ना ही वे भारतीय बने रहना चाहते हैं।" - भारत के सांसद फारूक अब्दुल्ला ने...

2 TV कलाकारों से 7 घंटे की पूछताछ, मुंबई के कई इलाकों में सुबह-सुबह छापेमारी: ड्रग्स मामले में आज फँस सकते हैं कई बड़े...

बुधवार के दिन समीर वानखेड़े और उनकी टीम ने दो टीवी कलाकारों को समन जारी किया था और उनसे 6 से 7 घंटे तक पूछताछ की गई थी।

सुरेश अंगड़ी: पहले केन्द्रीय मंत्री, जिनकी मृत्यु कोरोना वायरस की वजह से हुई, लगातार 4 बार रहे सांसद

केन्द्रीय रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी कर्नाटक की बेलागावी सीट से 4 बार सांसद रह चुके थे। उन्होंने साल 2004, 2009, 2014 और 2019 में...

‘PM मोदी को हिन्दुओं के अलावा कुछ और दिखता ही नहीं’: भारत के लिए क्यों अच्छा है ‘Time’ का बिलबिलाना

'Time' ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की शुरुआत में ही लिख दिया है कि लोकतंत्र की चाभी स्वतंत्र चुनावों के पास नहीं होती।

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
77,965FollowersFollow
323,000SubscribersSubscribe
Advertisements