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किंग चार्ल्स III के राज्याभिषेक में बाइबिल का अंश पढ़ेंगे PM ऋषि सुनक, राजा को देना होगा God की सेवा का वचन: पादरियों की देखरेख में होगा कार्यक्रम

राजपरिवार के ऐसे मौकों पर सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रधानमंत्री को मौजूद रहना होता है। कैंटबरी के आर्कबिशप ही राज्याभिषेक के लिए नियमों का निर्धारण करते आ रहे हैं।

UK के नए राजा किंग चार्ल्स III के राज्याभिषेक का कार्यक्रम तय हो गया है। कार्यक्रम में वहाँ के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक बाइबिल संबंधी पुस्तक का एक अंश पढ़ते नज़र आएँगे। इस पुस्तक का नाम ‘The Epistle to the Colossians’ है। वो परंपरा के तहत इस जिम्मेदारी को निभाएँगे। पूरा कार्यक्रम ईसाई मजहब के रीति-रिवाजों के हिसाब से चलेगा, जिसकी जिम्मेदारी कैंटबरी के आर्कबिशप ने उठाया है। कार्यक्रम वेस्टमिनिस्टर ऐबी में होना है।

ये कार्यक्रम शनिवार (6 मई, 2023) को आयोजित किया जाएगा। ऋषि सुनक भारतीय मूल के पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जो ब्रिटेन के पीएम की कुर्सी पर बैठे हैं। वो हिन्दू धर्म के अनुयायी हैं। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम का थीम, कई समुदायों को एक साथ बाँधने का होगा, ऐसे में उन्हें बाइबिल संबंधित पुस्तक का अंश पढ़ना होगा। कई ईसाई पादरी इस कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम में जीसस क्राइस्ट द्वारा बताए गए नियमों को भी पढ़ा जाएगा।

राजपरिवार के ऐसे मौकों पर सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रधानमंत्री को मौजूद रहना होता है। कैंटबरी के आर्कबिशप ही राज्याभिषेक के लिए नियमों का निर्धारण करते आ रहे हैं। राजा को 3 शपथ लेने होते हैं और 1 वादा करना होता है, जिसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। ईसाई मजहब के एक ब्रांच ‘Protestant Reformed Religion’ की रक्षा का वचन भी राजा को देना होता है। उन्हें ब्रिटेन की जनता के अलावा God की सेवा की भी शपथ लेनी होती है।

इसीलिए, इस कार्यक्रम का थीम ‘Called To Serve’ रखा गया है। इस मौके पर मुख्य पादरी ने कहा कि देश की परंपराओं और इससे पहले सत्ता में रहे नेताओं को याद करते हुए कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उनका कहना है कि ये चीजें देश की विविधता को दिखाएगी। इस दौरान हिन्दू, सिख और इस्लाम और यहूदी धर्मों के भी कुछ चीजों को दिखाया जाएगा, ताकि विविधता दर्शाई जा सके। लॉर्ड नरेंद्र बाबूभाई पटेल हिन्दुओं का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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