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प्रशांत महासागर में अमेरिकी नौसैनिक बेस पर चीन के H-6 ने बरसाए बम? PLAAF ने जारी किया हमले का नकली Video

PLAAF ने वीडियो के साथ एक संक्षिप्त विवरण में लिखा है, “हम मातृभूमि की हवाई सुरक्षा के रक्षक हैं; हमारे पास हमेशा मातृभूमि की आसमान में सुरक्षा का भरोसा और क्षमता है।”

चीन ने प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए एक नकली वीडियो जारी किया है। इसमें चीनी वायु सेना के परमाणु सक्षम H-6 बॉम्बर्स को प्रशांत महासागर स्थित अमेरिकी नौसैनिक बेस गुआम पर एक बम गिराते दिखाया गया है।

यह वीडियो पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयरफोर्स (PLAAF) के वीबो अकाउंट पर शनिवार (सितंबर 19, 2020) को जारी किया गया। गुआम बेस एशिया प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका का प्रमुख सैन्य ठिकाना है। 

चीन की वायु सेना ने 2 मिनट 15 सेकेंड का जो वीडियो जारी किया है, उसका टाइटल दिया है ‘The god of war H-6K goes on the attack!’ वीडियो में दिखाया गया है कि आधे रास्ते के बीच से, एक पायलट एक बटन दबाता है और एक समुद्र तटीय रनवे पर मिसाइल छोड़ देता है। एक सैटेलाइट पिक्चर दर्शाने की कोशिश की गई है, जो बिल्कुल एंडरसन के लेआउट जैसा दिखता है। ब्लास्ट के हवाई दृश्यों के बाद अचानक नाटकीय अंदाज में म्यूजिक आता है और जमीन हिलने लगती है। कुल मिलाकर बारीकी से देखने पर यह हॉलीवुड की किसी फिल्म के ट्रेलर की तरह दिखता है। 

PLAAF ने वीडियो के साथ एक संक्षिप्त विवरण में लिखा है, “हम मातृभूमि की हवाई सुरक्षा के रक्षक हैं; हमारे पास हमेशा मातृभूमि की आसमान में सुरक्षा का भरोसा और क्षमता है।”

वीडियो पर न तो चीन के रक्षा मंत्रालय और न ही अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड ने किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया दी है। ताइवान की वायु सेना के अनुसार, H-6 ताइवान और उसके आसपास कई चीनी उड़ानों में शामिल रहा है। H-6K बॉम्बर का नवीनतम मॉडल है, जो 1950 के पुराने सोवियत TU-16 पर आधारित है।

सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज के एक रिसर्च फेलो कोलिन कोह का कहना है कि चीन ने इस वीडियो को एक खास मकसद से जारी किया है। चीन के इस वीडियो को जारी करने का उद्देश लंबी दूरी तक मार करने की उसकी क्षमताओं का प्रदर्शन करना है। इस वीडियो के जरिए चीन ने अमेरिका को चेतावनी भी दी है कि वह ताइवान और साउथ चाइना सी में विवादों से दूर रहे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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