Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय2 महीने से चीन के रक्षा मंत्री गायब, अब पद से हटा दिया: मई...

2 महीने से चीन के रक्षा मंत्री गायब, अब पद से हटा दिया: मई में भारत आए थे ली शिंगफू, इससे पहले गायब विदेश मंत्री को हटाया था

ली शांगफू को हटाने का निर्णय चीन की पीपुल्स कॉन्ग्रेस ने लिया है। उनकी रक्षा मंत्री के तौर पर नियुक्ति मार्च 2023 में हुई थी। उनको वेई फेंग्हे की जगह पर रक्षा मंत्री बनाया गया था।

चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने रक्षा मंत्री ली शांगफू को उनके पद से हटा दिया है। इसका ऐलान चीनी सरकार के प्रोपेगंडा टीवी चैनल के माध्यम से किया गया। वह बीते दो महीने से गायब थे और किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं दिखे थे।

ली शांगफू को पद से हटाने का फैसला विदेश मंत्री किन गांग को हटाने के फैसले के बाद आया है। किन गांग को भी कई महीने गायब रहने के बाद जुलाई में विदेश मंत्री के पद से हटा दिया गया था। यह दो महीने के भीतर चीनी सरकार में दूसरा बड़ा बदलाव है। 65 वर्षीय ली शांगफू पेशे से एयरक्राफ्ट इंजीनियर हैं और लम्बे समय से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य रहे हैं। उनकी लम्बी सैन्य सेवा रही है। ली शांगफू मई में भारत भी आए थे। इस दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ उनकी वार्ता हुई थी। यह गलवान घटना के बाद किसी चीनी विदेश मंत्री का पहला दौरा था।

ली शांगफू लगभग दो माह से सार्वजनिक कार्यक्रमों से गायब थे। ली शांगफू और किन गांग को इसी के साथ ‘स्टेट काउंसिलर’ और कैबिनेट से भी हटा दिया गया है। यह पद चीनी सरकार में काफी ऊँचे ओहदे वाले मंत्रियों को दिया जाता है।

ली शांगफू को हटाने का निर्णय चीन की पीपुल्स कॉन्ग्रेस ने लिया है। उनकी रक्षा मंत्री के तौर पर नियुक्ति मार्च 2023 में हुई थी। उनको वेई फेंग्हे की जगह पर रक्षा मंत्री बनाया गया था। वह भी सेना से ही आते थे। शांगफू के गायब होने और हटाए जाने के कारण अभी स्पष्ट नहीं है और हमेशा ही जानकारी छुपाने वाली चीनी सरकार ने भी कारण आधिकारिक तौर पर नहीं बताए हैं। हालाँकि, बीते माह कुछ रिपोर्ट में बताया गया था कि शांगफू के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप थे और उनकी जाँच की जा रही थी।

यह भी कहा गया था कि ली शांगफू को पूछताछ के लिए भी ले जाया गया था। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शांगफू कोा मंत्री पद से हटाए जाने के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि उन पर अब मुकदमा चलाया जाएगा या नहीं।

आश्चर्य की बात यह है कि किन गांग और ली शांगफू दोनों चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी माने जाते थे। उनकी नियुक्ति के समय दोनों को चीन की सरकार के नए चेहरों के रूप में देखा गया था लेकिन कुछ ही महीनों के भीतर दोनों का जनता से गायब होना और पद से हटाया जाना आश्चर्यजनक है।

एक मीडिया रिपोर्ट बताती है कि ली को आखिरी बार 29 अगस्त को बीजिंग में एक कार्यक्रम में देखा गया था लेकिन उसके कुछ हो दिनों बाद उनकी वियतनाम यात्रा को रद्द कर दिया गया था। वियतनाम यात्रा रद्द होने के पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया था। इसके बाद से वह कहीं नहीं देखे गए। चीन का राजनीतिक तंत्र तानाशाह और अस्पष्ट है। चीन में सारी शक्तियां कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और देश के राष्ट्रपति के पास होती हैं। यहाँ मंत्रियों की नियुक्तियाँ भी उसी के प्रसाद पर होती हैं। चीन में भ्रष्टाचार के आरोप में कई नेताओं को बड़ी सज़ाएँ देने के मामले सामने आए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

₹15 लाख करोड़ के संदिग्ध रेवेन्यू से SEBI की कार्रवाई तक: जानिए कौन हैं राजेश मेहता और क्यों घिरी उनकी कंपनी Rajesh Exports

सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक राजेश मेहता के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

पंजाब के ‘शिक्षा सुधारों’ का श्रेय लेने पर कॉन्ग्रेस और AAP में जंग, पढ़े- जब दिल्ली में केजरीवाल पर शीला दीक्षित के काम को...

पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में नंबर-1 बनने के दावे पर विवाद। जानिए AAP और कॉन्ग्रेस के दावों के बीच पूरा रियलिटी चेक और शिक्षा सुधार की टाइमलाइन।
- विज्ञापन -