Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयचीन में 10 लाख नए केस, रोज 5000 मौतें: ब्रिटिश रिसर्च कंपनी ने बताया,...

चीन में 10 लाख नए केस, रोज 5000 मौतें: ब्रिटिश रिसर्च कंपनी ने बताया, चीन कर रहा था 4000 कोरोना+ होने का ही दावा

इधर, चीन में कोविड मामलों में वृद्धि के बीच एक बार फिर से राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है। लोग राष्ट्रपति से इस्तीफा माँग कर रहे हैं। दरअसल, महीने के शुरुआत में चीन की ‘ज़ीरो कोविड पॉलिसी’ का स्थानीय लोग जोर-शोर से विरोध कर रहे थे।

चीन की सरकार (Chinese Government) के लाख प्रयासों के बावजूद वहाँ की हकीकत दुनिया से छुप नहीं पा रही है। ब्रिटेन स्थित रिसर्च कंपनी एयरफिनिटी (Airfinity) के अनुसार, चीन में हर दिन कोरोना इंफेक्शन (Corona) के लगभग 10 लाख नए मामले आ रहे हैं। वहीं, हर रोज 5,000 लोगों की मौत हो रही है। उधर, चीन की सरकार देश में कोरोना (Covid-19) के सिर्फ 4,000 केस बता रही है।

एयरफिनिटी का दावा है कि उसने चीन के क्षेत्रीय आँकड़ों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। फर्म का दावा है कि चीन में मौजूदा दैनिक संक्रमण एक मिलियन (10 लाख) से अधिक है, जो जनवरी के आखिर तक 37 लाख तक पहुँच सकती है। एयरफिनिटी का अंदाजा है कि कोरोना के इस लहर से चीन में 10 लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है। बता दें कि चीन के बीजिंग और ग्वांगडोंग में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं।

चीन के सरकारी आँकड़ों की बात करें तो पिछले एक हफ्ते में कोरोना के 1800 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि सिर्फ 7 लोगों की मौत हुई है। दूसरी तरफ, चीन के इन खोखले दावों की पोल वहीं के लोग खोल रहे हैं। चीन की ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट जेनिफर जेंग ने एक क्लास रुम की तस्वीर साझा की है, जिसमें कुछ बच्चे ड्रिप लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इन बच्चों को कोरोना संक्रमण है।

एक अन्य पोस्ट में कब्रिस्तान में लंबी कतार दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार के लिए 20 दिन की वेटिंग है। जेनिफर के एक पोस्ट के मुताबिक, चीन शवों को जलाने के लिए भट्टियों का निर्माण करवा रहा है। भट्टियाँ बनाने की ठेकेदारी एक सरकारी चीनी कंपनी को दी गई है।

इधर, चीन में कोविड मामलों में वृद्धि के बीच एक बार फिर से राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है। लोग राष्ट्रपति से इस्तीफा माँग कर रहे हैं। दरअसल, चीन की ‘ज़ीरो कोविड पॉलिसी’ का स्थानीय लोग जोर-शोर से विरोध कर रहे थे। इसके बाद चीन की सरकार ने जीरो कोविड पॉलिसी में ढील देने का निर्णय लिया था। ढील देते ही चीन में कोरोना विस्फोट हो गया है। कहा जा रहा है कि सच्चाई बाहर न आ सके इसके लिए चीन में बड़े पैमाने पर परीक्षण बंद कर दिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -