Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयमुस्लिम महिला से मोहब्बत की सजा: अफवाह पर लड़के की 74 वर्षीय माँ को...

मुस्लिम महिला से मोहब्बत की सजा: अफवाह पर लड़के की 74 वर्षीय माँ को नग्न कर इस्लामी भीड़ ने गाँव में घुमाया था, 4 साल बाद आरोपित बरी

“घटना के इतने सालों बाद आखिर कैसे उन्हें छोड़ा जा सकता है। उन्होंने मुझे सभी के सामने निर्वस्त्र करके पीटा था। मैं इसके अलावा और क्या कह सकती हूँ। ईश्वर मेरे अधिकार मुझे वापस देगा।”

दक्षिण मिस्र (south egypt) के एक गाँव में 74 वर्षीय ईसाई महिला को नग्न कर बेरहमी से घसीटने और पीटे जाने के मामले में वहाँ के न्यायालय ने 3 लोगों को बरी कर दिया है। इस घटना का कारण यह था कि गाँव में यह अफ़वाह उड़ी थी कि ईसाई महिला के बेटे का प्रेम प्रसंग (अफेयर) एक मुस्लिम महिला के साथ है। इस बात की जानकारी मिलते ही लगभग 300 लोगों की इस्लामी भीड़ ने ईसाई महिला के साथ इस बर्बर घटना को अंजाम दिया था। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ यह घटना 2016 की है। सोड थाबेत (Soad Thabet) नाम की वृद्ध महिला को इस्लामी भीड़ ने पीटने के बाद निर्वस्त्र कर गाँव में घुमाया था। इस घटना के दौरान उस क्षेत्र में रहने वाले ईसाई समुदाय के लोगों के घरों में जम कर तोड़फोड़ और लूट की वारदात अंजाम दी गई थी। करीब 7 घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। ईसाई समुदाय के लोगों को गाँव छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था। शुरुआत में इस मामले में एक आरोपित और उसके दो बेटों को 10 साल की सजा सुनाई गई थी। लेकिन, दोबारा सुनवाई में तीनों को बरी कर दिया गया।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता ने इस आदेश की जानकारी मिलने पर दुःख जताया। उन्होंने कहा, “घटना के इतने सालों बाद आखिर कैसे उन्हें छोड़ा जा सकता है। उन्होंने मुझे सभी के सामने निर्वस्त्र करके पीटा था। मैं इसके अलावा और क्या कह सकती हूँ। ईश्वर मेरे अधिकार मुझे वापस देगा।” इस घटना के राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियाँ बटोरने के बाद मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फ़तह अल-सिसी (Abdel Fattah al-Sisi) ने भी इसे अस्वीकार्य बताया था। मिस्र के कई दिग्गज मानवाधिकार संगठनों ने भी इस घटना की काफी आलोचना की थी।

मिस्र की कुल आबादी लगभग 10 करोड़ है। इसमें ईसाई आबादी करीब 15 फ़ीसदी है। बीते कुछ सालों में ईसाई समुदाय पर अत्याचार के मामलों में काफी तेज़ी देखने को मिली ही। ISIS ने भी मिस्र में मौजूद चर्च को जम कर निशाना बनाया है। इस मामले में 74 वर्षीय महिला के बेटे पर आरोप लगाया गया था कि उसका एक मुस्लिम व्यवसायी की पत्नी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है। दोनों ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया था। 74 वर्षीय महिला का कहना था कि भीड़ ने उनके घर को आगे के हवाले किया फिर उन्हें निर्वस्त्र करके घुमाया।

मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक़ मिस्र में अल्पसंख्यकों के साथ इस तरह के अत्याचार की घटनाएँ आम होती जा रही है। उनके घर जलाए जाते हैं। चर्च में उपद्रव किया जाता है। महिलाओं के साथ ज़्यादती होती है और लोगों को पलायन करने पर मजबूर किया जाता है। मिस्र के मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। इसकी वजह से अत्याचार करने वाले कट्टरपंथी इस्लामियों के हौसले बुलंद रहते हैं।  

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राम मनोहर लोहिया के सिद्धांतों से भटकी समाजवादी पार्टी, ‘PDA’ के नाम पर सिर्फ ‘MY’ समीकरण को तरजीह: समझिए कैसे दलितों की अनदेखी कर...

सामाजिक न्याय का दावा करने वाली सपा आज भी अपने पुराने ढर्रे पर चल रही है, जिससे उसका 'PDA' का रैपर महज एक चुनावी चुनावी हथकंडा नजर आता है।

असल बात को छुपाओ, शब्दों का हेर-फेर कर प्रोपेगेंडा फैलाओ: UP को बदनाम करने के लिए ये है NewsLaundry की ट्रिक, जानिए कैसे प्रस्तावित...

हर राज्य में सभी MoU हकीकत में नहीं बदलते। कुछ परियोजनाएँ सफल होती हैं और कुछ निरस्त होती हैं। इससे पूरे निवेश मॉडल को ही फर्जी कह देना गलत है।
- विज्ञापन -