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कोरोना लॉकडाउन से समुद्र में ट्रैफिक जाम, शंघाई बंदरगाह पर जहाजों का लगा जमावड़ा: लोग भूख से आत्महत्या करने को मजबूर

कहा जा रहा है कि 470 से अधिक जहाज चीन में संसाधनों को पहुँचाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन जहाजों में अनाज से लेकर धातु अयस्क तक सामग्री हैं। कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों द्वारा पिछले महीने शहर में लगाए गए लॉकडाउन के बाद से जहाजों ने शंघाई बंदरगाह के बाहर लाइन लगाना शुरू कर दिया।

कोविड (Covid-19) चीन (China) के लिए भस्मासुर साबित हो रहा है। कोविड के कारण वहाँ के हालात बद से बदतर हो रहे हैं। चीन में लॉकडाउन के कारण लोग भूख से तड़प रहे हैं और आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। वहीं, शंघाई के पूर्वी तट पर मालवाहक जहाजों और टैंकरों की भारी भीड़ दिखाई दे रही है। इससे सामानों का वितरण भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हुआ है। इस भीड़ के कारण समुद्र में ट्रैफिक जाम हो गया है।

शंघाई कोविड के बढ़ते प्रकोप के कारण लॉकडाउन का सामना कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, शंघाई में मार्च से लेकर अभी तक कोरोना के अब तक 3.5 लाख से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। ऐसे में लॉकडाउन के कारण इन जहाजों पर भी असर दिख रहा है। इस जहाजों से माल उतारने की इजाजत नहीं है।

दुनिया के सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक शंघाई के तट की सामने आए तस्वीरों में इन जहाजों के जमघट को देखा जा सकता है। ये तस्वीरें अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में मरीन ट्रैफिक की लाइव पोजिशन लेने वाली वेबसाइट द्वारा ली गई हैं। तस्वीर में हरे रंग का दिख रहा बिंदु मालवाहक जहाज हैं, जबकि लाल बिंदु टैंकर हैं।

मालवाहक और टैंकरों की तस्वीरें (साभार: skynews)

कहा जा रहा है कि 470 से अधिक जहाज चीन में संसाधनों को पहुँचाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन जहाजों में अनाज से लेकर धातु अयस्क तक सामग्री हैं। कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए अधिकारियों द्वारा पिछले महीने शहर में लगाए गए लॉकडाउन के बाद से जहाजों ने शंघाई बंदरगाह के बाहर लाइन लगाना शुरू कर दिया। इन जहाजों का शंघाई से Ningbo-Zhoushan तक जाम लगा है। ।

कोविड-19 में वृद्धि के कारण शंघाई बंदरगाह पर कर्मचारियों की कमी हो गई है। इससे हर काम में समय लग रहा है। आउटबाउंड जहाजों पर बुक किए गए सामान गोदामों में फँसे हुए हैं। लॉकडाउन के कारण शटल ट्रक काम नहीं कर रहे हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 197 कंटेनर जहाज या तो लोड हो रहे हैं या निंगबो के साथ शंघाई के संयुक्त लंगर में लोड होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

समुद्र में लगी जाम को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि शंघाई में लॉकडाउन के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर बेहद बुरी प्रभाव पड़ेगा। उनका कहना है कि इससे आपूर्ति में देरी होगी और लागत में वृद्धि होगी। वहीं, शंघाई के अधिकारियों का कहना है कि सुचारू संचालन के लिए सरकार काम कर रही है। परिवहन मंत्रालय के तहत आने वाले राजमार्ग ब्यूरो के निदेशक वू चुंगेंग ने कहा कि क्वारंटीन नियमों के कारण माल वितरण और रसद आपूर्ति बाधित हो सकती है।

नियमों के तहत कोविड पॉजिटिव आने वाले लोगों को एक निश्चित समयावधि के लिए केंद्रीकृत क्वारंटीन सेंटर में क्वारंटीन होना होगा, भले ही उनमें कोविड के लक्षण दिखे या नहीं। यह कहा जा रहा है कि जिस केंद्रीयकृत सेंटर में पॉजिटिव लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है, उसकी स्थिति बेहद खराब है। हाल ही में कोरोना के कारण 7 और मरीजों की मौत हो गई है।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि वायरस नियंत्रण और रोकथाम के प्रयासों में कोई कमी नहीं होनी चाहिए, जबकि आर्थिक और सामाजिक विकास नीति पर पड़ने वाले प्रभावों को चीन कम करने का प्रयास करेगा। हाल ही में शंघाई में स्थानीय लोगों और स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच झड़प की खबरें भी सामने आई थीं। कई शंघाई निवासी दवाओं और भोजन की कमी के बारे में शिकायत करने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले चुके हैं। शंघाई के लोग भोजन के लिए पूरी तरह सरकार पर निर्भर हैं और भूखों मर रहे हैं। वहाँ लोगों द्वारा आत्महत्या करने की खबरें भी सामने आ रही हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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