Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयचीन के शीआन में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते लॉकडाउन, शहर से बाहर...

चीन के शीआन में कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते लॉकडाउन, शहर से बाहर जाने पर जाने पर रोक, दो दिन में एक बार सकेंगे जरूरी सामान

सरकारी नोटिस में कहा गया है कि लंबी दूरी के बस स्टेशनों को बंद कर दिया गया है और शहर के मुख्य हवाई अड्डे से आने-जाने वाली 85 फीसदी से ज्यादा उड़ानें रोक दी गई हैं। अधिकारियों को रैंडम टेस्टिंग के लिए भी कहा गया है।

चीन में कोरोना के नए मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चीनी सरकार ने कोरोना की रफ्तार पर काबू पाने के लिए बुधवार (22 दिसंबर 2021) को शीआन शहर में लॉकडाउन की घोषणा करते हुए 13 मिलियन यानी 1.30 करोड़ लोगों को घरों में रहने का आदेश दिया है।

चीन की राजधानी बीजिंग फरवरी 2022 के शीतकालीन खेलों की मेजबानी करने वाली है, लेकिन कई शहरों में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण चीन हाई अलर्ट पर है। शीआन में बुधवार (22 दिसंबर) को कोरोना संक्रमण के 52 नए मामले दर्ज किए हैं। इसके साथ ही यहाँ संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 143 हो गई है।

सिटी गवर्नमेंट ने अपने आधिकारिक वीबो सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा, “22 दिसंबर की आधी रात से सभी लोगों को घर के अंदर रहने का आदेश दिया गया है। हर दो दिन में केवल एक बार घर का एक सदस्य जरूरत का सामान खरीदने के लिए बाहर जा सकता है।”

उन्होंने आगे कहा, “लोग जब तक बहुत जरूरी ना हो शहर से बाहर नहीं जाए। यदि कोई आवश्यक कार्य के चलते शहर से बाहर जाना चाहता है तो उन्हें विशेष परिस्थितियों से इससे संबंधित प्रमाण देना होगा और इसकी स्वीकृति के लिए आवेदन देना होगा।”

सरकारी नोटिस में यह भी कहा गया है कि लंबी दूरी के बस स्टेशनों को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने शीआन से बाहर हाईवे पर कोरोना की रैंडम टेस्टिंग के आदेश दिए हैं। वहीं, फ्लाइट ट्रैकर वैरीफ्लाइट के मुताबिक, शहर के मुख्य हवाई अड्डे से आने-जाने वाली 85 फीसदी से ज्यादा उड़ानें रोक दी गई हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुफ्त इलाज का ढकोसला और महँगे मेडिकल बिल: कहाँ खर्च हो रहा है आम आदमी का पैसा?

सरकार ने उन दवाओं को इस प्राइस कंट्रोल से बाहर रखा है जिन्हें कंपनियाँ 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (PAPs) के तहत भारी छूट पर देती हैं।

आर्कबिशप पीटर मचाडो कौन हैं, जो चाहता है धर्मांतरण विरोधी कानून और गोहत्या कानून में बदलाव: कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से क्या...

आर्कबिशप की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैंगलुरु में हुई इस मुलाकात के बाद आर्कबिशप ने खुद अपनी माँगों को सार्वजनिक किया।
- विज्ञापन -