Saturday, April 20, 2024
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मैं अली के साथ नहीं रहना चाहती, मुझे इस्लाम कबूल नहीं: 15 साल की लड़की ने कोर्ट में लगाई गुहार

महक के वकील राजेश नारायणदास कपूर ने उनसे फोन पर बात की और उन्हें बताया कि महक कुमारी के मामले पर गुरुवार को सुनवाई हुई। जहाँ जकोबाबाद के दूसरे अतिरिक्त न्यायाधीश ने कोर्ट के अंदर और कोर्ट के बाहर मौलवियों की भारी मौजूदगी को देखते हुए बंद कमरे में पूरे मामले की सुनवाई की।

पाकिस्तान में 15 साल की हिंदू लड़की महक कुमारी ने गुरुवार (फरवरी 6, 2020) को एक स्थानीय कोर्ट में न्यायाधीश के सामने अपने लिए इंसाफ की गुहार लगाई। लड़की ने कोर्ट के सामने कहा कि जिस अली रजा मिर्ची नामक मुस्लिम व्यक्ति से उसकी शादी हुई थी, वह उसके साथ नहीं रहना चाहती और न ही वो इस्लाम कबूल करना चाहती है। लड़की ने कोर्ट के समक्ष गुहार लगाई है कि उसे उसके माता-पिता के पास भेज दिया जाए और हिंदुत्व का अनुसरण करने की अनुमति दी जाए।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, महक के वकील राजेश नारायणदास कपूर ने उनसे फोन पर बात की और उन्हें बताया कि महक कुमारी के मामले पर गुरुवार को सुनवाई हुई। जहाँ जकोबाबाद के दूसरे अतिरिक्त न्यायाधीश ने कोर्ट के अंदर और कोर्ट के बाहर मौलवियों की भारी मौजूदगी को देखते हुए बंद कमरे में पूरे मामले की सुनवाई की।

गौरतलब है कि इससे पहले 20 जनवरी को महक ने कोर्ट में माना था कि उसने अमरोत शरीफ में अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया और अली रजा से अपनी मर्जी से शादी की। लेकिन, आज वह अपने बयान से पलट गई और कोर्ट से बताया कि उसने गलती से यह बयान दिया था। महक के वकील का भी कहना है कि 21 जनवरी को महक ने भारी दबाव और धमकियों से डरके कोर्ट के सामने गलत बयान दिया था।

बता दें कि 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा 15 जनवरी को अचानक लापता हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने उसके लापता होने की शिक़ायत दर्ज कराई, इसमें बताया गया था कि नाबालिग को जबरन इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया है। वहीं, हिन्दू समुदाय ने दावा किया है कि ननकी कुमारी उर्फ़ ​​महक कुमारी उर्फ़ ​​आरोक कुमारी उर्फ़ ​​अलीजा एक कम उम्र की लड़की है, उसकी उम्र सिर्फ़ 15 वर्ष है

इस घटना के खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर इसकी घोर निंदा हुई थी। सवाल पूछे जा रहे थे कि
जो लोग नागरिकता संशोधन क़ानून के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, क्या इस तरह की घटना जानने के बाद भी वो अपना विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे?

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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