Wednesday, September 28, 2022
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयकश्मीर पर फ्रांस ने किया भारत का समर्थन, कहा- UNSC में चीन को नहीं...

कश्मीर पर फ्रांस ने किया भारत का समर्थन, कहा- UNSC में चीन को नहीं खेलने दिया कोई ‘प्रोसीज़रल गेम’

"यह उकसावे के तौर पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर डालने के लिए है। हमें टकराव की और नहीं बढ़ना है और मैं समझता हूँ कि दिल्ली के मुकाबले पेरिस से यह कहना कहीं ज्यादा आसान है, वह भी तब जब हिमालय में आपके यहाँ समस्या है और आपकी सीमा पाकिस्तान से लगी हो।"

कश्मीर के मुद्दे पर फ्रांस ने एक बार फिर भारत का समर्थन किया है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति के एक सलाहकार ने गुरुवार (जनवरी 7, 2021) को कहा कि फ्रांस, कश्मीर मुद्दे पर भारत का समर्थक रहा है। इसलिए फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चीन को कोई ‘प्रक्रियागत खेल’ (प्रोसीज़रल गेम) खेलने की अनुमति नहीं दी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस और भारत के बीच रणनीतिक वार्षिक संवाद के लिए भारत के दौरे पर आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) के कूटनीतिक सलाहकार इमैनुएल बोन (Emmanuel Bonne) ने कहा, “चीन जब नियम तोड़ता है, तो हमें बेहद मजबूत और बेहद स्पष्ट होना होगा। हिंद महासागर में हमारी नौसेना की मौजूदगी का यही सन्देश है।” उन्होंने यह भी कहा, “जो हम पब्लिकली कहते हैं, उसे चीन को प्राइवेटली भी कह सकते हैं, इसमें कोई अस्पष्टता नहीं है।”

गौरतलब है कि विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (वीआईएफ) द्वारा आयोजित ‘फ्रांस और भारत: स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत के साझेदार’ विषय पर अपने संबोधन में बोन ने कहा कि फ्रांस ‘क्वाड’– अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत का समूह- के करीब है और भविष्य में उनके साथ कुछ नौसैनिक अभ्यास भी कर सकता है। इसके अलावा दिन में उन्होंने भारतीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी बातचीत की। जिसमें सुरक्षा सहित कई द्विपक्षीय मामले शामिल थे।

फ्रांसीसी नौसेना के ताइवान जलडमरूमध्य में गश्त करने वाली एक मात्र यूरोपीय नौसेना होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “यह उकसावे के तौर पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर डालने के लिए है। हमें टकराव की और नहीं बढ़ना है और मैं समझता हूँ कि दिल्ली के मुकाबले पेरिस से यह कहना कहीं ज्यादा आसान है, वह भी तब जब हिमालय में आपके यहाँ समस्या है और आपकी सीमा पाकिस्तान से लगी हो।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘ब्रह्मांड के केंद्र’ में भारत माता की समृद्धि के लिए RSS प्रमुख मोहन भागवत ने की प्रार्थना, मेघालय के इसी जगह पर है ‘स्वर्णिम...

सेंग खासी एक सामाजिक-सांस्कृतिक और धार्मिक संगठन है जिसका गठन 23 नवंबर, 1899 को 16 युवकों ने खासी संस्कृति व परंपरा के संरक्षण हेतु किया था।

अब पलटा लेस्टर हिंसा के लिए हिन्दुओं को जिम्मेदार ठहराने वाला BBC, फिर भी जारी रखी मुस्लिम भीड़ को बचाने की कोशिश: नहीं ला...

बीबीसी ने अपनी पिछली रिपोर्टों के लिए कोई माफी नहीं माँगी है, जिसमें उसने हिंदुओं पर झूठा आरोप लगाया था कि हिंसा के लिए वे जिम्मेदार हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
224,688FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe