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गाज़ा में इस्तेमाल हुआ उस जर्मन महिला का क्रेडिट कार्ड, जिसकी लाश को नंगा कर आतंकियों ने निकाली थी परेड: हत्या से पहले हुई थी लूटपाट, माँ को अब भी बेटी के ज़िंदा होने की आस

रिकार्डा ने कहा कि जब उन्होंने आखिरी बार अपनी बेटी को देखा था तब वह हमास के आतंकियों एक कार में बेहोशी की हालत में थी, इसलिए वह अभी यह स्वीकार नहीं कर सकतीं कि उनकी बेटी की मौत हो गई है।

हमास के आतंवादियों ने इजरायल में घुस कर कत्लेआम मचाया। इस दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक जर्मन महिला की हत्या कर के उसकी लाश को नग्न कर दिया गया और फिर जुलूस निकाला गया। इसमें आतंकी ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाकर उसकी बॉडी पर थूकते नजर आए थे। अब उसके परिजनों ने कहा है कि आतंकियों ने उसके साथ लूटपाट की थी। इसके बाद गाजा में उसके क्रेडिट कार्ड का उपयोग किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जर्मनी की टैटू आर्टिस्ट शानी लौक की माँ रिकार्डा ने बेटी के जिंदा होने की उम्मीद जताई है। रिकार्डा ने कहा कि जब उन्होंने आखिरी बार अपनी बेटी को देखा था तब वह हमास के आतंकियों एक कार में बेहोशी की हालत में थी, इसलिए वह अभी यह स्वीकार नहीं कर सकतीं कि उनकी बेटी की मौत हो गई है।

इसके अलावा रिकार्डा ने बेटी के साथ लूटपाट होने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि एक बैंक से उन्हें जानकारी मिली है कि शानी लौक का क्रेडिट कार्ड गाजा में उपयोग किया गया है। बता दें कि शानी लौक के सामने आए वीडियो में उसका चेहरा नहीं दिख रहा था। लेकिन, शरीर में बने टैटू को देखकर उसके परिजनों ने उसकी पहचान की थी।

बता दें कि इजरायल पर हमास के हमले के बाद एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें हमास के इस्लामी आतंकी ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाते हुए एक महिला के नग्न शव के साथ ट्रक में खुलेआम जश्न मनाते हुए परेड निकाल रहे थे। वीडियो में महिला के शव पर थूकते हुए आतंकियों को देखा गया था। शव के साथ भी अमानवीय व्यवहार किया गया। उक्त मृतका की पहचान जर्मनी की शानी लौक के रूप में हुई थी। वह इजरायल में एक म्यूजिक फेस्टिवल में हिस्सा लेने गई थी। इससे पहले उसकी माँ ने भावुक अपील करते हुए कहा था कि कम से कम उनकी बेटी का शव लौटा दिया जाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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