Wednesday, October 20, 2021
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आतंकी हाफिज सईद को रोजमर्रा के खर्चों के लिए चाहिए 1.5 लाख/महीना, UNSC तक पहुँच गया पाकिस्तान

हाफिज को यूएन से छूट दिलाने के लिए पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र को चिट्ठी लिखी थी। हाफिज के अलावा ये अनुमति हाजी मुहम्मद और जफर इकबाल को भी मिली हैं। क्योंकि पाकिस्तान द्वारा लिखे पत्र में हाफिज के साथ इन दोनों का नाम भी शामिल था।

मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और आतंकी संगठन के सरगना हाफिज सईद को पाकिस्तान की गुहार पर संयुक्त राष्ट्र से राहत मिली हैं। अब खूँखार आतंकी हाफिज, पाकिस्तान के रहम से अपने रोजमर्रा के खर्चों के लिए अपने बैंक खाते का इस्तेमाल कर पाएगा।

गौरतलब है कि हाफिज को यूएन से छूट दिलाने के लिए पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें यूएनएससी से हाफिज को उसके बैंक खाते इस्तेमाल करने देने की माँग की गई थी। अब निर्धारित समय में जब इस माँग को लेकर यूएनएससी के पास कोई आपत्ति नहीं पहुँची, तो परिषद ने पाकिस्तान की गुहार सुनते हुए उसे ये अनुमति दे दी। हाफिज के अलावा ये अनुमति हाजी मुहम्मद और जफर इकबाल को भी मिली हैं। क्योंकि पाकिस्तान द्वारा लिखे पत्र में हाफिज के साथ इन दोनों का नाम भी शामिल था।

जानकारी के मुताबिक, यूएनएससी के आदेश के बाद पाकिस्तान ने हाफिज सईद के बैंक खाते फ्रीज कर दिए थे। लेकिन बाद में पाकिस्तान ने खुद गुहार लगाई थी कि वह हाफिज को उससे बैंक से करीब 1.5 लाख रुपए (पाकिस्तानी रुपए) हर महीने निकालने की अनुमति दें, ताकि हाफिज और उसके परिवार की रोजमर्रा की जरूरत पूरी हो सकें। पाकिस्तान द्वारा लिखे पत्र में हाफिज के परिवार के 4 सदस्यों का हवाला देकर बताया गया था कि उसपर सभी सदस्यों के खाना, पीना, कपडे़ जैसे अन्य खर्चों की जिम्मेदारी हैं।

उल्लेखनीय है कि हाफिज को लेकर पाकिस्तान द्वारा लिखी चिट्ठी की खबर उस समय सामने आई है जब पूरा विश्व पाकिस्तान पर आरोप लगा रहा है कि वो आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली सरजमीं बन चुकी हैं। तब हाफिज को किया गया ये खुला समर्थन इस बात का पुख्ता सबूत है कि पाक पर लगे आरोप हवा में नहीं हैं, जिन्हें मानने से वो मना करता आया है। भले ही दुनिया को इस समय दिखाया जा रहा है कि 17 जुलाई को आतंकी फंडिग के मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई और वह लाहौर के कोट लखपत जेल में हैं, लेकिन उसे सुविधा दिलाने की ये कोशिशें साफ़ करती हैं कि ये कार्रवाई केवल दिखावा मात्र है, जिसे चलते भारत पहले भी इस गिरफ्तारी को एक नाटक बता चुका है।

 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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