Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयक्या एक फोन कॉल के लिए जाएगी ट्रंप की कुर्सी: महाभियोग की प्रक्रिया शुरू

क्या एक फोन कॉल के लिए जाएगी ट्रंप की कुर्सी: महाभियोग की प्रक्रिया शुरू

बताया जाता है कि इसी साल जुलाई में ट्रंप ने अपने यूक्रेनी समकक्ष व्लोदीमीर जेलेंस्की से बात की और उन पर जो बाइडन के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार की जाँच शुरू करने का दवाब डाला। बाइडन आगामी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के खिलाफ डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। निचले सदन ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने मंगलवार (सितंबर 24, 2019) को इसका ऐलान किया। ट्रंप पर आरोप है कि अपने राजनीति प्रतिद्वंदी को दबाने के लिए उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर अपने विदेशी समकक्ष से मदद हासिल करने की कोशिश की।

मीडिया खबरों की मानें तो पेलोसी ने कहा कि ट्रम्प ने अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडेन को नुकसान पहुँचाने के लिए विदेशी ताकतों का इस्तेमाल कर अपने पद की शपथ का उल्लंघन किया। उन्होंने ट्रंप के ख़िलाफ़ इस महाभियोग का ऐलान करने के दौरान बताया कि ट्रम्प के कार्यकाल में हुई कार्रवाइयाँ राष्ट्रपति के उनके पद की शपथ के प्रति बईमानी, हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लंघन और चुनाव की अखंडता के साथ विश्वासघात को दर्शाती हैं। उन्होंने आगे कहा, “इसलिए मैं घोषणा करती हूँ कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स महाभियोग की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर रहा है।”

इस विवाद के जड़ में एक फोन कॉल है। बताया जाता है कि इसी साल जुलाई में ट्रंप ने अपने यूक्रेनी समकक्ष व्लोदीमीर जेलेंस्की से बात की और उन पर जो बाइडन के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार की जाँच शुरू करने का दवाब डाला। बाइडन के आगामी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के खिलाफ डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार होने की संभावना जताई जा रही है। ट्रंप ने आरोपों का खंडन किया है। हालाँकि यह माना है कि उन्होंने अपने राजनैतिक प्रतिद्वंदी के बारे में यूक्रेन के राष्ट्रपति से चर्चा की थी।

गौरतलब है कि अमेरिका में आज तक कोई राष्ट्रपति महाभियोग की प्रक्रिया के जरिए नहीं हटाया गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पास हो सकता है। लेकिन, सीनेट में इसे पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होगी, जहाँ रिपब्लिकन का पलड़ा भारी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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