Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयतंजानिया के किली पॉल पर लाठी-चाकू से हमला, लगे 5 टाँके: हिंदी गानों पर...

तंजानिया के किली पॉल पर लाठी-चाकू से हमला, लगे 5 टाँके: हिंदी गानों पर वीडियो बना कर बटोरी शोहरत, PM मोदी भी हैं फैन

"मेरे ऊपर पाँच लोगों ने हमला किया था, मैंने खुद को बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन मेरा दाहिना हाथ और पैर का अँगूठा चाकू से घायल हो गया था और मुझे 5 टाँके लगे हैं।"

तंजानिया के इंटरनेट सनसनी किली पॉल (kili Paul), जो अपनी बहन नीमा के साथ भारतीय गीतों पर लिप-सिंक करके अपने डांस के लिए जाने जाते हैं, उन पर अज्ञात लोगों द्वारा चाकू और लाठी से हमला किया गया है। जिसमें वो घायल बताए जा रहे हैं

उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर हमले के बारे में सूचना दी। उन्होंने कहा कि उन पर पाँच लोगों ने हमला किया था और हमले के बाद उन्हें पाँच टाँके भी लगे हैं। उन्होंने कहा कि हमने दो हमलावरों से डट कर मुकाबला किया और खुद का बचाव किया।

इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा है, “मेरे ऊपर पाँच लोगों ने हमला किया था, मैंने खुद को बचाने का पूरा प्रयास किया लेकिन मेरा दाहिना हाथ और पैर का अँगूठा चाकू से घायल हो गया था और मुझे 5 टाँके लगे हैं। मुझे लाठी और क्लबों से पीटा गया था, लेकिन भगवान का शुक्र है कि मैंने दो हमलावरों की पिटाई के बाद खुद को बचा लिया। हालाँकि, वे लोग भाग गए हैं लेकिन मैं पहले से ही घायल हूँ, मेरे लिए प्रार्थना कीजिए।”

हालाँकि, किली पॉल ने यह नहीं बताया कि उन पर हमला करने वाले लोग कौन थे और हमले के पीछे का कारण क्या था?

बता दें कि किली और उनकी बहन नीमा तंजानिया के पूर्वी पवानी क्षेत्र के मवेशी चराने वाले हैं। पारंपरिक मसाई वेश में उनके वीडियो ने भारतीयों के दिलों पर कब्जा कर लिया है। भाई-बहन को पीएम नरेंद्र मोदी ने फरवरी में अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के दौरान गणतंत्र दिवस पर भारतीय राष्ट्रगान और लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि अर्पित करने की वजह से उनका उल्लेख किया था।

बीबीसी अफ्रीका को दिए एक साक्षात्कार में, उन्होंने खुलासा किया था कि उन्हें तंजानिया की राजधानी डोडोमा में स्कूलिंग के दौरान ही हिंदी संगीत से प्यार हो गया था। किली पॉल ने उस इंटरव्यू में बताया था, “मुझे हिंदी फिल्मों और उनके गानों से प्यार हो गया। जब आप किसी चीज से प्यार करते हैं, तो उसे गाना या उसकी नकल करना मुश्किल नहीं है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेरा बेटा उस शोषणकारी कंपनी को छोड़ना चाहता था’: Settebello जहाज पर मारे गए नाविक के पिता का दर्द, पढ़ें मिडिल ईस्ट युद्ध में...

अमेरिका ने जिस जहाज पर हमला किया था उसमें 3 भारतीयों की मौत हुई। पिता ने बताया कि उनका बेटा शोषणकारी कंपनी को छोड़ना चाहता था।

घुसपैठिए खुद कबूल रहे सच, फिर भी ‘बेचारा’ बताने में जुटा वामपंथी-इस्लामी इकोसिस्टम: Al Jazeera से लेकर स्क्रॉल-The Wire का प्रोपेगेंडा हुआ बेनकाब

जो बांग्लादेशी घुसपैठिए खुद कबूल कर रहे हैं कि वह अवैध रूप से भारत में घुसे। लेकिन यह वो बात है जिसे अल जजीरा, स्क्रॉल और द वायर जैसे मीडिया संस्थान जानबूझकर पर्दे के पीछे रखते हैं।
- विज्ञापन -