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कोरोना से खौफ में जिहाद: ISIS ने लड़ाकों से कहा- यूरोप में मत घुसना, लौटना भी मत, ‘वर्क फ्रॉम होम’ करो

ISIS ने अपने आतंकियों को एक हदीस का हवाला देते हुए जंभाई लेते समय और छींकते समय मुँह ढँकने की सलाह दी है। साथ ही, लगातार हाथ धोने और बर्तनों को धोकर छूने और इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए दुनिया भर के देश अपने स्तर पर तैयारियाँ कर रहे हैं। सीरिया और इराक में सक्रिय आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने भी इस वायरस से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। उसने अपने जिहादी लड़ाकों को बताया है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है। इस्लामिक स्टेट के आधिकारिक न्यूज़ वीकली ‘अल-नबा न्यूजलेटर’ में इंफोग्राफिक के जरिए ये एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें IS आतंकियों को यूरोप में एंट्री नहीं मारने का फरमान सुनाया गया है।

इस न्यूजलेटर के मुताबिक IS आतंकियों को महामारी ग्रस्त यूरोप से दूर रहना है। जो आतंकी या समर्थक पहले से यूरोप में हैं उन्हें वहीं रहने, यानी वापस अपने ठिकाने पर न लौटने का फरमान सुनाया गया है। अल-नबा न्यूजलेटर इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों को चीन में कोरोना वायरस के फैलने की पहली खबर आने से अब तक लगातार अपडेट देता रहा है। लेकिन ताज़ा न्यूजलेटर में इस्लामिक स्टेट ने ‘कोरोना वायरस से कैसे निबटें’ (Directives to deal with the epidemic) का फरमान जारी किया है।

यूके के अखबार ‘द संडे-टाइम्स’ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इस न्यूजलेटर में कहा गया है कि इस्लामिक स्टेट लड़ाकों को अल्लाह में भरोसा रखना है और उसी से इस बीमारी से लड़ने की दुआ माँगनी है। जो स्वस्थ लड़ाके हैं उन्हें महामारी ग्रस्त इलाके से दूर रहना है और जो वहाँ हैं उन्हें वहाँ से बाहर नहीं आना है।

ISIS ने अपने आतंकियों को एक हदीस का हवाला देते हुए जंभाई लेते समय और छींकते समय मुँह ढँकने की सलाह दी है। साथ ही, लगातार हाथ धोने और बर्तनों को धोकर छूने और इस्तेमाल करने की सलाह दी है। ISIS द्वारा जारी निर्देशों में यह भी कहा गया है, “जिहादी लड़ाके याद रखें, महामारी अपने आप नहीं आती, अल्लाह के फरमान से आती है।”

इसके साथ ही ISIS ने अपने सभी जिहादी लड़ाकों को कोरोना के खतरे के टलने तक घर से ही काम यानी, ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने की भी सलाह दी है। दरअसल, कई संस्थान आजकल अपने वर्कर्स को कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए घर से ही काम करने की सलाह दे चुके हैं।

आपको बता दें कि अभी सीरिया में कोरोना वायरस के केस बारे में सहीं जानकारी नहीं हैं, क्योंकि युद्धग्रस्त इलाके में इससे निपटने और इस संक्रमण की पहचान के लिए कोई खास इंतजाम नहीं हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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