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बांग्लादेश में जयशंकर: PM शेख हसीना ने भारत को दिया चटगाँव बंदरगाह के इस्तेमाल का प्रस्ताव, चीन को झटका

शेख हसीना ने पड़ोसियों के आपसी संपर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए भारत को उपयोग के लिए अपने देश का मुख्य बंदरगाह चटगाँव सौंपने की पेशकश की।

भारत ने बांग्लादेश में बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल की है। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने चटगाँव बंदरगाह का इस्तेमाल करने का प्रस्ताव भारत को दिया है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार (28 अप्रैल 2022) को उनसे ढाका में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बांग्लादेशी पीएम को इस साल के अंत तक भारत आने का न्योता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिया।

बांग्लादेश ने चटगाँव बंदरगाह को लेकर भारत को यह प्रस्ताव ऐसे समय में दिया है जब चीन बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के जरिए भारत के पड़ोसी देशों में अपनी घुसपैठ बढ़ाने की कोशिश में है। उसकी नजर बांग्लादेश के बंदरगाहों पर भी थी। ऐसे में प्रधानमंत्री शेख हसीना का प्रस्ताव उसके लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

शेख हसीना ने पड़ोसियों के आपसी संपर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए भारत को उपयोग के लिए अपने देश का मुख्य बंदरगाह चटगाँव सौंपने की पेशकश की। इससे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम और त्रिपुरा को फायदा होगा।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री हसीना ने कहा कि दोनों देशों को कनेक्टिविटी को और बढ़ाना होगा। उनके प्रेस सचिव एहसानुल करीम ने बताया कि पीएम शेख हसीना ने जयशंकर से कहा कि आपसी लाभ के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाने की जरूरत है। ऐसे में बांग्लादेश के दक्षिण-पूर्वी चटगाँव बंदरगाह का उपयोग करने से भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को विशेष रूप से फायदा होगा।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश और भारत के बीच सीमा पार मार्गों को फिर से शुरू करने की पहल की है, जिसे 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान बंद कर दिया गया था। उस समय बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा था और उसे पूर्वी पाकिस्तान के नाम से जाना जाता था। करीम ने कहा कि प्रधानमंत्री हसीना की जयशंकर के साथ आधे घंटे से अधिक चली बैठक के दौरान कई द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने बाद में अपने बांग्लादेशी समकक्ष एके अब्दुल मोमेन के साथ भी चर्चा की और फिर संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित किया।

मुलाकात के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने बांग्लादेशी पीएम के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्ददों पर चर्चा की। विदेश मंत्री ने एक बयान में कहा कि शेख हसीना और उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर समीक्षा की। विदेश मंत्री ने कहा कि कोरोना चुनौतियों के बावजूद दोनों देशों ने अपने संबंधों में अच्छी प्रगति की है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने आगे कहा कि वे ज्वाइंट कंसल्टेटिव कमीशन के सातवें दौर में बांगेलादेश के विदेश मंत्री का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। यह बैठक दोनों देशों के बीच के संबंधों के अगले स्तर के लिए आधार तैयार करने का एक अच्छा अवसर प्रदान करेगी, जिसकी उन्हें आशा है। बता दें कि दोनों देशों बांगलादेश-भारत संयुक्तसलाहकार आयोग (जीसीसी) की सातवीं बैठक दिल्ली में होनी है। जयशंकर की आखिरी बांग्लादेश यात्रा पिछले साल मार्च में हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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