Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'श्री लंका के हमलावरों का हमारे पास कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं': J&K पुलिस

‘श्री लंका के हमलावरों का हमारे पास कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं’: J&K पुलिस

दिलबाग सिंह ने कहा कि उन्हें राजनयिक चैनल के माध्यम से ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। सोशल मीडिया पर जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, दस्तावेजों में उनकी कश्मीर यात्रा के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

जम्मू और कश्मीर पुलिस के प्रमुख दिलबाग सिंह ने रविवार को कहा कि उनके विभाग के पास इस बात का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है कि श्री लंका में ईस्टर रविवार को आतंकी हमले में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों ने कश्मीर की यात्रा की थी। बता दें कि श्री लंका सेना प्रमुख ने दावा किया था कि हमले के संदिग्धों ने कश्मीर की यात्रा की थी।

ख़बर के अनुसार, सिंह ने कहा कि उन्हें राजनयिक चैनल के माध्यम से ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। सोशल मीडिया पर जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, दस्तावेजों में उनकी कश्मीर यात्रा के बारे में कोई जानकारी नहीं है। सिंह ने कहा, “हमने जाँच की है और उनके यहाँ आने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।” उन्होंने कहा कि आतंकवादी हमलों के बाद आव्रजन (Immigration) रिकॉर्ड फिर से देखे गए थे और किसी भी हमलावर ने कश्मीर का दौरा नहीं किया था।

कुछ दिनों पूर्व श्री लंकाई सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल महेश सेनानायके की टिप्पणी आई थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि ईस्टर हमले के संदिग्ध भारत में कश्मीर गए थे और उन्होंने केरल राज्य की यात्रा भी की थी। दिलबाग सिंह ने कहा कि श्री लंका के सेना प्रमुख को राजनयिक चैनलों के माध्यम से सबूत भेजने चाहिए, और वह इस पर ग़ौर करेंगे।

ज्ञात हो कि 21 अप्रैल को श्री लंका के तीन चर्चों और लग्जरी होटलों में आतंकी हमले में लगभग 300 लोग मारे गए थे और 500 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। एक महिला समेत नौ आत्मघाती हमलावरों ने इस घटना को अंजाम दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -