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रहस्यमयी बीमारी से केन्या के स्कूल में हड़कंप, अचानक लंगड़ाकर चलने लगीं 95 छात्रा: सबके कमर से नीचे मार गया लकवा, Video वायरल

कमर के नीचे लकवे जैसे लक्षण पैदा होने के बाद स्कूल की 95 छात्राओं को अस्पताल में एडमिट करवाना पड़ा है। रहस्यमयी बीमारी की वजह का पता लगाने के लिए पीड़ित छात्राओं के खून, पेशाब और स्टूल के नमूने की गहन जाँच की जा रही है।

केन्या में एक ‘रहस्यमयी बीमारी’ से दहशत फैल गई है। काकमेगा के सेंट टेरेसा एरेगी गर्ल्स हाई स्कूल को अस्थायी तौर पर बीमारी के कारण बंद करना पड़ा है। यह स्कूल राजधानी नैरोबी से 374 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में है। कमर के नीचे लकवे जैसे लक्षण पैदा होने के बाद स्कूल की 95 छात्राओं को अस्पताल में एडमिट करवाना पड़ा है।

छात्राओं के लंगड़ाकर चलने के वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हैं। शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए काउंटी कार्यकारी समिति के सदस्य (सीईसीएम) डॉ. बोनफेस ओकोथ ने बताया है कि इस अजीब और रहस्यमयी बीमारी के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पीड़ित छात्राओं के खून, पेशाब और स्टूल के नमूने गहन जाँच के लिए नैरोबी और किसुमू में केन्या मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (केमरी) भेजे गए हैं।

काउंटी के शीर्ष अधिकारियों ने स्कूल का दौरा किया है। काकमेगा प्रांत के शिक्षा अधिकारियों ने बुधवार (4 अक्टूबर 2023) को छात्राओं के हंगामे की वजह से स्कूल को अस्थायी तौर पर बंद करने का फैसला लिया। साथी छात्राओं की हालत से डरी लड़कियाँ घर जाने की जिद कर रही थीं।

रिपोर्ट के मुताबिक 30 छात्रों को काकमेगा लेवल फाइव हॉस्पिटल, 20 को शिब्वे लेवल फोर हॉस्पिटल और 12 को इगुहु लेवल फोर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। इहुगु अस्पताल के एक डॉक्टर के मुताबिक, प्रारंभिक प्रयोगशाला परीक्षणों से पता चला है कि छात्राओं में इलेक्ट्रोलाइट्स बढ़ गए थे।

इसका मतलब कि उनके शरीर में तरल पदार्थ की कमी हो गई थी। इलेक्ट्रोलाइट्स जीवन चलाने के लिए जरूरी हैं और मानव कोशिकाओं में इनका संतुलन शरीर के लिए जरूरी होता है, ताकि नसें और माँसपेशियाँ सही तरीके से काम कर सके। लंबे वक्त तक दस्त और पसीने के कारण इलेक्ट्रोलाइट्स नष्ट हो सकते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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