Saturday, April 4, 2026
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयकोरोना खिलाफ भारत ने काफ़ी पहले से की थी तगड़ी तैयारी, UK में स्थिति...

कोरोना खिलाफ भारत ने काफ़ी पहले से की थी तगड़ी तैयारी, UK में स्थिति बदतर: पीटरसन ने विराट को सुनाया अपना अनुभव

पीटरसन ने जानकारी देते हुए बताया कि जब वो भारत पहुँचे, तब उन्हें पता चला कि यहाँ जो व्यवस्था थी, वो सब यूके में एकदम नहीं हो रहा था। ये बात 2 मार्च की ही है, जब भारत में लॉकडाउन का भी ऐलान नहीं हुआ था और कई देश कोरोना से अछूते थे। उन्होंने बताया कि उनके देश यूके में हालत बहुत ही ख़राब है और आँकड़े लगातार तेज़ी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राफ का कर्व एकदम ऊपर ही ओर उठता जा रहा है।

भारत सरकार ने फलाँ तारीख को फ्लाइट्स क्यों नहीं बंद की? मोदी तब क्या कर रहे थे, तब चीन में कोरोना आया? लॉकडाउन पहले क्यों नहीं हुआ? ऐसे कई सवाल हैं जो लिबरलों के मुँह पर ही रहते हैं। वो सहूलियत के हिसाब से इसके उलट सवाल भी पूछ सकते हैं। लेकिन, क्रिकेटर केविन पीटरसन के अनुभव को आप जानेंगे तो आपको पता चलेगा कि भारत में कैसे तैयारियाँ काफ़ी पहले शुरू कर दी गई थी। इंग्लैंड के दिग्गज क्रिकेटर ने कहा है कि भारत में यूके के मुकाबले बेहतर तैयारियाँ थीं।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करते हुए पीटरसन ने कहा कि जब वो यूके में थे, तब न तो वहाँ सीमा पर किसी भी प्रकार की चेकिंग या मेडिकल टेस्टिंग हो रही थी और न ही कोई पाबन्दी लगाईं जा रही थी। उन्होंने बताया कि वो एक वाइल्ड डाक्यूमेंट्री की शूटिंग के लिए भारत आए थे। जैसे ही वो दिल्ली पहुँचे, उनका तापमान चेक किया गया। दिल्ली में एक होटल में चेक-इन करने से पहले मेडिकल टेस्टिंग वगैरह की गई।

पीटरसन ने जानकारी देते हुए बताया कि जब वो भारत पहुँचे, तब उन्हें पता चला कि यहाँ जो व्यवस्था थी, वो सब यूके में एकदम नहीं हो रहा था। ये बात 2 मार्च की ही है, जब भारत में लॉकडाउन का भी ऐलान नहीं हुआ था और कई देश कोरोना से अछूते थे। उन्होंने बताया कि उनके देश यूके में हालत बहुत ही ख़राब है और आँकड़े लगातार तेज़ी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राफ का कर्व एकदम ऊपर ही ओर उठता जा रहा है। पीटरसन का ये वीडियो पुराना है लेकिन अब इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है, जब पीएम मोदी ने लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

वहीं विराट कोहली ने भी संभवतः तबलीगी जमात की ओर इशारा करते हुए कहा कि अगर कुछ लोगों को छोड़ दें तो कोरोना से निपटने में भारत ने अच्छे तरीके से एक्शन लिया है। कोहली ने कहा कि कुछ ऐसे लोग हैं, जो सरकार के दिशानिर्देशों और क़ानून का सम्मान नहीं करते, जिनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, उन सबके अलावा भारत में स्थिति काफ़ी हद तक बहुत ठीक है।

हाल ही में पीटरसन ने ब्रह्मपुत्र नदी के तटवर्ती इलाक़ों से लेकर नॉथ-ईस्ट के जंगलों तक का भ्रमण किया था और भारत के लोगों की ख़ूब प्रशंसा की थी। केविन पीटरसन ने माना था कि भारत के लोग जानवरों से काफ़ी प्यार करते हैं और उनकी ख़ूब देखभाल करते हैं। उन्होंने लिखा था कि वो जितना भी भारत भ्रमण करते हैं, जानवरों की देखभाल को लेकर यहॉं के लोगों के समर्पण से उतना ही अभिभूत हो जाते हैं। उन्होंने लिखा था कि भारत को ऐसे लोगों पर गर्व होना चाहिए, जो निःस्वार्थ भाव से अपने काम में लगे हुए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मालदा बंधक विवाद के बीच ताजी हुई 2016 के दंगों की याद, इस्लामी भीड़ ने फूँका था पुलिस थाना: जानें- कैसे कमलेश तिवारी विवाद...

पश्चिम बंगाल में बंधक बनाने वाली घटना से 2016 मालदा दंगे फिर चर्चा में, जब कमलेश तिवारी विवाद की आड़ में हिंदूओं और मंदिरों पर हुए थे हमले।

जंगलराज से भी भयावह: मालदा, भय और पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष चुनाव की चुनौती

बिहार में केजे राव मॉडल से चुनाव आयोग ने बदली थी तस्वीर। मालदा का संकट बताता है कि वही सख्ती पश्चिम बंगाल में लागू करने का समय यही है।
- विज्ञापन -