Tuesday, June 25, 2024
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‘सिंगापुर वैरिएंट’ पर डर फैलाकर घिरे केजरीवाल: विदेश मंत्रालय ने लताड़ा, सिंगापुर ने जताई आपत्ति

वहीं अरविंद केजरीवाल के बयान को लेकर सिंगापुर दूतावास के बाहर भी विरोध हो रहा है। भाजपा का कहना है कि ये केजरीवाल का पैटर्न हो गया है।

विदेश मंत्रालय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ‘सिंगापुर वैरिएंट’ के नाम पर डर फैलाने को लेकर जवाब देते हुए कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री भारत के लिए नहीं बोलते। मंगलवार (18 मई 2021) को केजरीवाल ने दावा किया था कि सिंगापुर में पाया जाने वाला कोरोना का नया वैरिएंट खतरनाक हैं। इसलिए भारत सरकार को इसे भारत आने से रोकने के लिए सिंगापुर की सारी फ्लाइट बंद कर देनी चाहिए।

इसके बाद विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि सिंगापुर सरकार ने उच्चायोग को केजरीवाल सरकार के बयान पर कड़ी आपत्ति जताने के लिए कॉल किया था।

एस जयशंकर ने केजरीवाल के रवैये को बताया गैरजिम्मेदाराना

केजरीवाल के गलत बयान के कारण विदेश मंत्री एस जयशंकर को भी इस संबंध में ट्विटर पर स्पष्टीकरण देना पड़ा। भारतीय विदेश मंत्री ने एक ट्वीट में सिंगापुर और भारत के मजबूत रिश्तों को और कोविड दौर में ऑक्सीजन सप्लाई करने पर सराहा।

साथ ही अगले ट्वीट में लिखा, “हालाँकि, ये गैर जिम्मेदार रवैया है, वो भी उनका, जिन्हें मालूम होना चाहिए कि इससे लंबे समय से चली आ रही साझेदारी खराब हो सकती हैं। इसलिए मैं साफ कर देना चाहता हूँ कि दिल्ली के मुख्यमंत्री भारत के लिए नहीं बोलते।”

बता दें कि इससे पहले सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अरविंद केजरीवाल के दावों को खारिज किया था। वहीं सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालकृष्णन ने दिल्ली सीएम को तथ्यों के आधार पर बोलने की सलाह दते हुए कहा था कि सिंगापुर वैरिएंट जैसा कुछ नहीं है।

उन्होंने एस जयशंकर का बयान देखकर उन्हें धन्यवाद कहा। साथ ही लिखा, “अपने-अपने देश के हालातों को सुधारने पर फोकस करते हैं और एक दूसरे का ध्यान देते हैं। कोई भी सुरक्षित नहीं है जब तक हर कोई सुरक्षित न हो।”

वहीं अरविंद केजरीवाल के बयान को लेकर सिंगापुर दूतावास के बाहर भी विरोध हो रहा है। भाजपा का कहना है कि ये केजरीवाल का पैटर्न हो गया है। वह पैनिक क्रिएट करते हैं, वो भी बिन वैज्ञानिक तथ्यों के। वह बोलते और भाग लेते हैं।

वास्तव में, वायरस का B.1617 वैरिएंट सबसे पहले भारत में पाया गया था और तब से यह सिंगापुर सहित कई देशों में फैल गया है। सीएम केजरीवाल के इस रवैये और अज्ञानता ने देश को वैश्विक मंच पर शर्मिंदा किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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