Wednesday, August 4, 2021
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‘कुरान और इस्लाम का अपमान’ करने पर 23 साल की लड़की को साढ़े तीन साल जेल और 4.5 लाख रुपए का जुर्माना

"मेरी बेटी को नहीं पता था कि उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। वह पूरी तरह से टूट चुकी है। उन्होंने उसका भविष्य बर्बाद कर दिया है।"

मोरक्को में 23 वर्षीया एक मोरक्कन-इटालियन युवती को दो साल पुराने एक मामले में साढ़े तीन साल की जेल की सजा सुनाने के साथ ही 6,000 अमेरिकी डॉलर (भारतीय मुद्रा के अनुसार 4,47,111 रुपए) का जुर्माना लगाया गया है। आरोपित को यह सजा ‘कुरान और इस्लाम का अपमान’ करने के लिए सुनाई गई।

आरोपित ने कथित तौर पर कुरान की छोटी आयतों में से एक, सूरत अल कवथर को विकृत कर दिया। युवती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उसका नाम बदलकर कुछ ऐसा कर दिया जो ‘अपमानजनक’ था।

पिता के अनुसार, युवती को इस महीने की शुरुआत में रबात हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था जब वह फ्रांस से आ रही थी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को नहीं पता था कि उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। 

दरअसल, यह मामला अप्रैल 2019 का है। युवती के पिता ने बताया कि उसने फेसबुक पर कुरान के आयत की नकल करते हुए अरबी वाक्यांश साझा किए। उन्होंने बताया कि उसे अरबी भाषा की समझ नहीं थी, इसलिए उसने बिना कंटेंट को जाने ही उसे साझा कर दिया। मराकेश में एक मजहबी संघ द्वारा उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद कानूनी कार्यवाही शुरू हुई।

उसके पिता ने कहा कि युवती को ‘इस्लाम मजहब का अपमान’ करने के लिए साढ़े तीन साल की जेल की सजा और लगभग 6,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया गया। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, “मैंने आज उससे मुलाकात की, वह पूरी तरह से टूट चुकी है। उन्होंने उसका भविष्य बर्बाद कर दिया है।” उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर परिवार अपील दायर करेगा।

बता दें कि मोरक्को के दंड संहिता के अनुच्छेद 267 में ‘इस्लाम का अपमान करने’ के अपराध के लिए 6 महीने से दो साल की जेल की सजा का प्रावधान है, लेकिन अगर इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से सार्वजनिक रूप से अपराध किया जाता है तो सजा अधिकतम पाँच साल तक बढ़ जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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