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‘हिजाब उतार कर मैच खेलो या पहन कर बाहर बैठो’ – नाजाह अकील ने नहीं खेला मैच, अमेरिका में छिड़ी बहस

“मुझे इस बात से बहुत ज्यादा गुस्सा आया और हैरानी भी हुई। सिर्फ हिजाब को इस नियम के तहत रखा गया है। मेरे लिए यह समझना मुश्किल है कि जब हिजाब मेरे धर्म का हिस्सा है तब मुझे यह पहनने के लिए अनुमति की ज़रूरत क्यों है।”

अमेरिका के टेनैसी प्रांत में एक खिलाड़ी को वॉलीबॉल मैच के दौरान बाहर कर दिया गया। ऐसा करने की वजह यह थी कि नाजाह अकील नाम की खिलाड़ी ने मैच के दौरान हिजाब पहन रखा था। नाजाह नैशविले वेलोर कोलगियेट प्रेप की छात्रा हैं। जिस दौरान उनके साथ यह घटना हुई उस वक्त वह 15 सितंबर को होने वाले वॉलीबॉल मैच का अभ्यास कर रही थीं। वहाँ मौजूद रेफ़री ने कोच से कहा कि नाजाह को हिजाब पहन कर मैच खेलने की अनुमति दी जाए। 

इसके बाद रेफ़री ने टेनेसी सेकेंड्री स्कूल एथलेटिक एसोसिएशन (TSSAA) की नियमावली का हवाला दिया। हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि किन नियमों के आधार पर हिजाब पहन कर खेला जा सकता है। इस पर नाजाह का कहना था कि उसके पास इस तरह की कोई आधिकारिक अनुमति नहीं थी लेकिन अभी तक इस वजह से कोई परेशानी नहीं हुई। नाजाह के सामने दो ही विकल्प थे, वह हिजाब उतार कर मैच का हिस्सा बन सकती थी या फिर हिजाब पहन कर बाहर बैठ सकती थी। नाजाह ने मैच नहीं खेलने का विकल्प चुना। 

उसने सीएनएन न्यूज़ से बात करते कहा, “मुझे इस बात से बहुत ज्यादा गुस्सा आया और हैरानी भी हुई। मैंने इस तरह के नियम के बारे में पहले कभी नहीं सुना था। नियमावली में इस तरह का नियम रखने का क्या मतलब है। सिर्फ हिजाब को इस नियम के तहत रखा गया है। मेरे लिए यह समझना मुश्किल है कि जब हिजाब मेरे धर्म का हिस्सा है तब मुझे यह पहनने के लिए अनुमति की ज़रूरत क्यों है।” 

नाजाह अकील (साभार – CNN)

इस घटना की जानकारी मिलने पर नेशनल फेडरेशन ऑफ़ स्टेट हाईस्कूल एसोसिएशन (NFSH) की निदेशक कैरिसा निहोफ़ ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देश सख्त नियमों की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसके अलावा एक राज्य अपवादों को देखते हुए उनमें बदलाव भी कर सकता है। विशेषज्ञों को इस मुद्दे पर गंभीरता दिखानी चाहिए थी, अनुमति के लिए पत्र बाद में भी भरा जा सकता था।” यह अमेरिका में संस्था हाईस्कूल स्तर के खेल कूद संबंधी नियमावली तैयार करती है। 

दरअसल NFSH हाईस्कूल स्तर के खेलों के दौरान पहनावे को लेकर दिशा निर्देश जारी करती है। इसके द्वारा तय की गई नियमावली के आधार पर ‘किसी भी खिलाड़ी के धर्म में कोई अलग तरह का पहनावा शामिल है तो उसके साथ खेल का हिस्सा बनने के लिए अनुमति लेनी होती है। चाहे हिजाब हो या कुछ और। हालाँकि अमेरिकी संस्था द्वारा यह नियम सभी धर्म के लोगों पर लागू होते हैं। अमेरिका में लगभग हर खेल को लेकर स्कूलों में नियमावली बनाई जाती है, जिसके तहत हिजाब वाला नियम आता है।  

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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