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जस्टिन ट्रुडो गए मस्जिद में अपनापन दिखाने, कट्टर मुस्लिम भीड़ ने दी गालियाँ, बेइज्जती के बाद मुँह लटका कर बाहर निकले

कनाडा के मुस्लिम संगठनों द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम फिलिस्तीनी मुस्लिमों के प्रति अपनापन दिखाने के मकसद से था... लेकिन कट्टरपंथी मुस्लिमों ने 'काफिर' जस्टिन ट्रुडो की कर दी भारी बेइज्जती।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो शुक्रवार (20 अक्टूबर 2023) को अपने देश की एक मस्जिद में लोगों से औपचारिक मुलाकात के लिए गए थे। इस दौरान वहाँ मौजूद मुस्लिम समुदाय के लोगों के भारी विरोध का सामना उन्हें करना पड़ा। मस्जिद में मौजूद भीड़ ने इजरायल-हमास युद्ध में ट्रूडो के रुख और बयान की आलोचना की। इस दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री से उनका बयान वापस लेने की माँग भी की गई।

कनाडा की न्यूज़ एजेंसी द टोरंटो सन के मुताबिक शुक्रवार को एक मस्जिद में जाने के दौरान जस्टिन ट्रूडो को ‘शर्म करो-शर्म करो’ जैसी नारेबाजी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मस्जिद में मौजूद और विरोध में शामिल एक व्यक्ति को कार्यक्रम के आयोजकों से यह माँग करते भी सुना गया कि जस्टिन ट्रुडो को माइक पर बोलने की अनुमति न दी जाए। हालाँकि जस्टिन ट्रुडो को माइक दिया गया। अपने सम्बोधन में कनाडा के PM ने कहा, “इस कठिन समय में अपने साथ प्रार्थना की अनुमति देने का धन्यवाद।”

इस घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हिजाब पहनी एक महिला को हाथ में तख्ती लिए देखा जा सकता है। तख्ती में ‘गाजा में नरसंहार रोको’ लिखा हुआ है। साथ ही कई अन्य लोग भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद जस्टिन ट्रुडो को चिढ़ाते भी दिखे।

कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय ने जस्टिन ट्रुडो के दौरे की पुष्टि की है। कनाडा के मुस्लिम संगठनों द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम फिलिस्तीनी मुस्लिमों के प्रति अपनापन दिखाने के मकसद से था।

कनाडा के प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक जस्टिन ट्रुडो इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष को लेकर काफी चिंतित हैं। इसी के साथ ही शांति स्थापना में कनाडा द्वारा अधिकतम सहयोग का भी एलान किया गया है।

चित्र साभार- X/@AhmarSKhan

बताते चलें कि कनाडा ने इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के दौरान देश में मौजूद इस्लामी कट्टरपंथियों को संतुष्ट करने के लिए तमाम कदम उठाए हैं। इसमें कनाडा की मीडिया को हमास के लड़ाकों को आतंकी न कहने के निर्देश भी शामिल हैं। इसी साल अक्टूबर के महीने में ही यहाँ के ओंटारियो के मिसिसॉगा में सेलिब्रेशन स्क्वायर पर हुए एक प्रदर्शन के दौरान फिलिस्तीनी और तालिबानी आपस में भिड़ गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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