Tuesday, January 31, 2023
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नेपाल के सेना प्रमुख ने ली ‘मेड इन इंडिया’ कोरोना वैक्सीन, पड़ोसी देश को भारत ने फिर भेजी 10 लाख की खेप

नेपाल में लगभग 2.75 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हो गए थे, ऐसे में वहाँ वैक्सीन की बड़ी आवश्यकता थी। जब 2015 में नेपाल में बड़ा भूकंप आया था, तब भी 6 घंटे के भीतर राहत कार्य के लिए पहुँचने वाला भारत पहला देश था।

दुनिया भर में अब ‘मेड इन इंडिया’ वैक्सीन की धूम दिख रही है। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारत में बनी वैक्सीन की माँग दुनिया के कई देश कर रहे हैं और उनमें से कइयों को तो इसकी खेप मुफ्त में उपलब्ध कराई गई है। अब नेपाल के सेना प्रमुख पूर्ण चंद्र थापा ने ‘मेड इन इंडिया’ कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लेकर भारत में बनी वैक्सीन की विश्वसनीयता और स्वीकार्यता को आगे बढ़ाने का कार्य किया है।

पिछले ही महीने नेपाल को भारतीय कोरोना वैक्सीन की दूसरी खेप मिली, जिसमें 10 लाख डोज मुहैया कराए गए थे। जिस ‘AstraZeneca’ के वैक्सीन की खेप नेपाल को मुहैया कराई गई, उसे सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) द्वारा ‘Covishield’ नाम से बनाया गया है। जनवरी 2021 में नेपाल में इसके आपात प्रयोग को मंजूरी दी गई थी। भारत द्वारा खेप भेजते ही वहाँ टीकाकरण अभियान शुरू हो गया था।

नेपाल को जो वैक्सीन की दूसरी खेप भेजी गई है, उससे वहाँ के बुजुर्गों का टीकाकरण किया जाएगा। 60 वर्ष से अधिक की उम्र के लोगों को प्राथमिकता के रूप में वैक्सीन दी जाएगी। नेपाल में 8.73% जनसंख्या बुजुर्गों की है। मार्च 7 को टीकाकरण अभियान का वहाँ दूसरा फेज शुरू किया जाना है। भारत ने पाकिस्तान को छोड़ कर लगभग सभी पड़ोसी देशों को ‘वैक्सीन मैत्री’ के तहत कोरोना वैक्सीन उपलब्ध करा दी है।

नेपाल में लगभग 2.75 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हो गए थे, ऐसे में वहाँ वैक्सीन की बड़ी आवश्यकता थी। वहाँ कोरोना की वजह से 2000 से भी अधिक लोग अपनी जान गँवा चुके हैं।

जब 2015 में नेपाल में बड़ा भूकंप आया था, तब भी 6 घंटे के भीतर राहत कार्य के लिए पहुँचने वाला भारत पहला देश था। नेपाल के सातों प्रान्त में वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स से किसी नुकसान की खबर नहीं है। अब वहाँ की सीमाएँ भी खुलने लगी हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मार्च 2021 के पहले ही दिन सुबह-सुबह कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली। उन्होंने दिल्ली AIIMS में कोरोना वैक्सीन ली। PM मोदी को जो वैक्सीन दी गई, वो ‘भारत बायोटेक’ की वैक्सीन है। पुडुचेरी की सिस्टर पी निवेदिता ने उन्हें वैक्सीन दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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