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देवी लक्ष्मी के विसर्जन का दूसरे मजहब ने किया विरोध: भड़की साम्प्रदायिक हिंसा, कपिलवस्तु में सूरज की मौत

लक्ष्मी पूजा के बाद देवी लक्ष्मी की मूर्ति को विसर्जित करने के लिए हिंदू समूह द्वारा जिस रास्ते से जुलुस को ले जाया जा रहा था उस मार्ग पर दूसरे मजहब के स्थानीय लोगों द्वारा आपत्ति जताने के बाद दोनों समुदायों के बीच झड़प की स्थिति बन गई।

नेपाल के कपिलवस्तु जिले के कृष्णानगर में, दीवाली पर लक्ष्मी पूजन के बाद गुरुवार (31 अक्टूबर) को सुबह जब मूर्ति विसर्जन के लिए देवी लक्ष्मी का जुलूस निकला तो मुस्लिम समुदाय के लोग उसके विरोध में आ गए।

मीडिया रिपोर्ट के हवाले से कपिलवस्तु जिला पुलिस कार्यालय के प्रमुख एसपी दीपेश शमशेर राणा ने बताया कि, लक्ष्मी पूजा के बाद देवी लक्ष्मी की मूर्ति को विसर्जित करने के लिए हिंदू समूह द्वारा जिस रास्ते से जुलुस को ले जाया जा रहा था उस मार्ग पर दूसरे मजहब के लोगों द्वारा आपत्ति जताने के बाद दोनों समुदायों के बीच झड़प की स्थिति बन गई।

मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा के देवी लक्ष्मी के विसर्जन का यूँ विरोध करने के कारण नेपाल के कपिलवस्तु ज़़िले में साम्प्रदायिक हिंसा भड़क गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दो अलग-अलग धार्मिक समूहों में इस कदर बढ़ते तनाव के बाद स्थानीय प्रशासन ने कृष्णानगर इलाक़े में कर्फ़्यू लगा दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, कहा जा रहा है कि दोपहर में, दो समुदायों के बीच झड़प के कारण कर्फ़्यू को तोड़ने की कोशिश की गई तो प्रशासन ने फायरिंग कर दी। जिससे एक गोली कपिलवस्तु जिले के कृष्णानगर के निवासी सूरज कुमार पांडेय नामक एक व्यक्ति को लगी और उसकी मौत हो गई

इस घटना के बाद अपने बयान में डीआईजी सुरेश बिक्रम शाह ने ऑनलाइनखबर को बताया कि मृतक सूरज कुमार पांडे नेपाल-भारत सीमा के पास बदानी के एक भारतीय नागरिक थे। जो कपिलवस्तु में एक चाय की दुकान चलाते थे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दो धार्मिक समुदायों के बीच तनाव बढ़ने के बाद हुए झड़प में उग्र भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में कई पुलिस कर्मी भी घायल हो गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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