Thursday, September 23, 2021
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नाबालिग हिंदू को वजीर हुसैन ने किया अगवा, जबरन इस्लाम कबूल करवा किया निकाह: पाकिस्तान के सिंध की घटना

पाक की मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट बताती है कि सालाना पाकिस्तान में कम से कम 1000 लड़कियाँ इस्लाम कबूलती हैं। इनमें से अधिकांश सिंध में रहने वाली हिंदू समुदाय की होती हैं।

पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों के अपहरण और धर्मांतरण का सिलसिला जारी है। हालिया मामला सिंध के जकोबाबाद का है। यहाँ से 18 जून को एक नाबालिग हिंदू लड़की का वजीर हुसैन ने अपहरण किया और फिर जबरन धर्मपरिवर्तन करवाकर उससे निकाह भी कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले के तूल पकड़ने के बाद, आरोपित पक्ष ने पीड़िता पर दबाव बनाकर एक हलफनामा भी दायर करवाया है। इसमें लड़की की तरफ से कहा गया है कि वह 19 साल की है और उसने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूला है। हलफनामे के अनुसार उसका नाम अब बशीरन कर दिया गया है। 

गौरतलब हो कि पाकिस्ताम में अल्पसंख्यकों के साथ अत्याचार की घटनाएँ बेहद आम हैं। हिंदू लड़कियों के अपहरण और धर्म परिवर्तन की खबरें मीडिया में आए दिन आती रहती है। ऐसी घटनाओं पर सरकार और प्रशासन की चुप्पी भी कोई नई बात नहीं है। 

वहाँ भले ही इमरान सरकार अल्पसंख्यकों की सुरक्षा बड़े-बड़े दावे करती है। मगर, वास्तविकता यही है कि वहाँ पर अल्पसंख्यकों का दमन धड़ल्ले से जारी है। आलम ये है कि अब पाकिस्तान के हालातों से पूरा विश्व वाकिफ हो गया है कि पाकिस्तान वो देश है जहाँ धार्मिक स्वतंत्रता में किसी का जबरन धर्मांतरण का अधिकार भी निहित है।

पाक की मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट बताती है कि सालाना पाकिस्तान में कम से कम 1000 लड़कियाँ इस्लाम कबूलती हैं। इनमें से अधिकांश सिंध में रहने वाली हिंदू समुदाय की होती हैं।

सैकड़ों अपहरण और जबरन धर्मपरिवर्तन के मामले आने के बाद भी पाकिस्तान सरकार का इन मामलों पर कोई एक्शन नहीं है। साल 2016 और 2019 में एक विधेयक लाने की बात जरूर सामने आई थी। जिसमें किसी भी धर्म की आयु सीमा 18 साल तक करने की बात थी। साथ ही उसमें यह भी प्रावधान था कि अगर कोई इसके बाद भी दोषी पाया जाता है तो उसे जेल भेजा जाएगा और पीड़ित को 21 दिन का समय दिया जाएगा कि वह स्वतंत्र होकर अपना फैसला ले।

मगर, साल 2016 में इस बिल को खारिज करते हुए सिंध के गवर्न सईदुज्जमां सिद्दीकी ने तर्क दिया कि जब हज़रत अली (सुन्नी संप्रदाय में चौथा ख़लीफ़ा और शिया के लिए पहला इमाम) कम उम्र में परिवर्तित हो सकते हैं (9 वर्ष) तो हिंदू लड़कियाँ क्यों नहीं कर सकती हैं?”

उल्लेखनीय है कि सिंध के जकोबाबाद से जो मामला सामने आया है। उससे पहले सिंघ के चुंदिको नगर से ऐसे ही अपहरण और धर्मांतरण का केस आया था। तब दो हिंदू लड़की- सुथी और शमा को स्थानीय नेता के भाई ने अपहरण कर लिया था। लड़कियों के परिवार वालों ने बताया था कि उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रहीं थी।

इसी तरह मार्च 2019 में हिंदू लड़की रीना और रवीना को घोटकी से उठाया गया था और होली की शाम उन्हें इस्लाम कबूल करवाकर उनका निकाह मजहब विशेष के युवकों से करवा दिया गया था। एक अन्य मामले में एक सिख लड़की जगजीत कौर के अपहरण और धर्मांतरण का मामला ननकाना साहिब से सामने आया था। वहीं 13 साल की पूजा सोथाहर कुमारी के साथ भी यही सब हुआ था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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