Tuesday, May 17, 2022
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयPak के बाद हिजाब विवाद पर अमेरिका ने फैलाया प्रोपगेंडा, भारत ने कहा- आंतरिक...

Pak के बाद हिजाब विवाद पर अमेरिका ने फैलाया प्रोपगेंडा, भारत ने कहा- आंतरिक मामलों पर नहीं होगी बयानबाजी बर्दाश्त

यूएस राजदूत रशद हुसैन द्वारा हिजाब विवाद पर टिप्पणी के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें आइना दिखाया। लोगों ने बताया कि कैसे उन्होंने कभी भी तालिबान में हिजाब अनिवार्य होने पर कुछ नहीं बोला और न ही तब मुँह खोला जब फ्रांस ने हिजाब को पूरी तरह प्रतिबंधित किया था।

हिजाब विवाद मामले में पाकिस्तान के बाद अब अमेरिका ने भ्रामक जानकारी की मदद से भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का प्रयास किया है। शुक्रवार (11 फरवरी 2022) को यूएस के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता ( International Religious Freedom-IRF) नामक संगठन के राजदूत रशद हुसैन ने बयान में कहा था कि धार्मिक स्वतंत्रता में किसी को अपनी धार्मिक पोशाक चुनने का अधिकार शामिल है। मुद्दे की बारीकियों को समझे बिना, राजदूत ने कहा कि कर्नाटक को मजहबी कपड़ों की अनुमति का निर्धारण नहीं करना चाहिए। अब इस मुद्दे पर भारत ने भी प्रतिक्रिया दी है। बयान में उन देशों को जवाब दिया गया है जो बेवजह एक ऐसे मुद्दे पर बातें बना रहें हैं जो कि शैक्षणिक संस्थान से जुड़ा है।

अपने ट्वीट में हुसैन ने लिखा था, “धार्मिक स्वतंत्रता में किसी को अपनी धार्मिक पोशाक चुनने का अधिकार शामिल है। भारतीय राज्य कर्नाटक को मजहबी कपड़ों की अनुमति का निर्धारण नहीं करना चाहिए। स्कूलों में हिजाब पर प्रतिबंध धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है और महिलाओं और लड़कियों को कलंकित और हाशिए पर रखता है।”

इस ट्वीट के बाद हुसैन को सोशल मीडिया पर तमाम लोगों ने खरी खोटी सुनाई। लोगों ने अमेरिका की हिपोक्रेसी उजागर कर याद दिलाया है कि उनका रवैया अन्य देशों की कार्रवाई पर क्या था। उन्होंने न तो तब मुँह खोला जब तालिबान में हिजाब अनिवार्य किया गया और न ही तब कुछ कहा जब हिजाब को फ्रांस ने प्रतिबंधित कर दिया। कुछ यूजर्स ने उन्हें याद दिलाया कि कैसे अमेरिका में भी यूनिफॉर्म की महत्ता पर जोर दिया गया था। इतना ही नहीं, वहाँ एक मुस्लिम छात्रा को सस्पेंड कर दिया गया था क्योंकि उस लड़की ने लगातार चेतावनी के बाद भी वही कपड़ों को पहनना जारी रखा था जो मना किए गए थे। दिलचस्प बात ये है कि ये पूरा विवाद उस समय चर्चा में आया जब राहुल गाँधी ने अमेरिका से इस मामले पर हस्तक्षेप करने की माँग उठाई थी। इससे पहले पाकिस्तान ने हिजाब विवाद पर अपनी चिंता दिखाते हुए भारत पर धार्मिक असहिष्णुता, नकारात्मक रूढ़िवादिता और मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव का आरोप लगाया था।

अब इस मुद्दे पर भारत के विदेश मंत्रालय ने अपना पक्ष रखा है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने अरिंदम बागची ने भारत की ओर से स्पष्ट तौर पर कहा कि ये मामला अभी कर्नाटक हाईकोर्ट में है। वे लोग इस मुद्दे पर किसी भी प्रेरित टिप्पणी का स्वागत बिलकुल नहीं करेंगे। बयान में कहा गया, “कर्नाटक में कुछ शैक्षणिक संस्थानों में ड्रेस कोड से संबंधित मामले पर कर्नाटक हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। हमारा संवैधानिक ढाँचा और तंत्र, साथ ही साथ हमारे लोकतांत्रिक लोकाचार और राजनीति, ऐसे संदर्भ हैं जिनमें मुद्दों पर विचार किया जाता है और उनका समाधान किया जाता है। जो लोग भारत को अच्छे से जानते हैं, उन्हें इन वास्तविकताओं की उचित समझ होगी। हमारे आंतरिक मुद्दों पर टिप्पणियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

विदेश मंत्रालय के अलावा कर्नाटक के राज्य मंत्री डॉ अश्वथनारायण सी एन ने भी इस प्रकार विदेशी हस्तक्षेप की निंदा की। उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतें अपने छिपे एजेंडे के तहत तथ्यों को घुमाने और गलत धारणा बनाने का प्रयास कर रही हैं। इन्हें रोका जाना चाहिए।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अभिनेत्री के घर पहुँची महाराष्ट्र पुलिस, लैपटॉप-फोन सहित कई उपकरण जब्त किए: पवार पर फेसबुक पोस्ट, एपिलेप्सी से रही हैं पीड़ित

अभिनेत्री ने फेसबुक पर 'ब्राह्मणों से नफरत' का आरोप लगाते हुए 'नर्क तुम्हारा इंतजार कर रहा है' - ऐसा लिखा था। हो चुकी हैं गिरफ्तार। अब घर की पुलिस ने ली तलाशी।

जिसे पढ़ाया महिला सशक्तिकरण की मिसाल, उस रजिया सुल्ताना ने काशी में विश्वेश्वर मंदिर तोड़ बना दी मस्जिद: लोदी, तुगलक, खिलजी – सबने मचाई...

तुगलक ने आसपास के छोटे-बड़े मंदिरों को भी ध्वस्त कर दिया और रजिया मस्जिद का और विस्तार किया। काशी में सिकंदर लोदी और खिलजी ने भी तबाही मचाई।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
186,297FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe