Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयपाकिस्तान ने कहा 2022 तक स्पेस में भेजेंगे इंसान, लोग बोले- चंदा मामा दूर...

पाकिस्तान ने कहा 2022 तक स्पेस में भेजेंगे इंसान, लोग बोले- चंदा मामा दूर के

पाकिस्तान के पास न तो कोई अंतरिक्ष प्रोग्राम है और न स्पेस स्ट्रक्चर। उसकी आर्थिक स्थिति भी दयनीय है। इस सूरते हाल में चौधरी के दावे पर सवाल उठने ही थे और सोशल मीडिया यूजर्स ने तंज कसने में देर नहीं की।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी के एक ऐलान से सोशल मीडिया में पाकिस्तान का मजाक बन गया। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि पाकिस्तान 2022 में चीन की मदद से अपने पहले व्यक्ति को अंतरिक्ष में भेजेगा। इसके लिए चयन प्रक्रिया फरवरी 2020 से शुरू होगी।

असल में, पाकिस्तान के पास न तो कोई अंतरिक्ष प्रोग्राम है और न ही स्पेस स्ट्रक्चर। उसकी आर्थिक स्थिति भी दयनीय है। इस सूरते हाल में चौधरी के दावे पर सवाल उठने ही थे और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसमें देर भी नहीं लगाई।

अपने मंत्री के इस ऐलान को पाकिस्तानियों ने भी गंभीरता से नहीं लिया। मीर मोहम्मद अली खान ने ट्वीट किया, “मैं कुछ लोगों को नामित करना चाहता हूँ। लेकिन, आपको मुझसे वादा करना होगा कि उन्हें वापस नहीं लाया जाएगा।”

चौधरी ने बताया कि अंतरिक्ष में भेजने के लिए 50 लोगों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद यह सूची 25 पर आएगी और 2022 में पाकिस्तान अपने पहले व्यक्ति को अंतरिक्ष में भेज देगा। उनके मुताबिक यह क्षण पाकिस्तान के लिए ऐतिहासिक अवसर होगा।

चौधरी की इस घोषणा के बाद ट्विटर पर हैशटैग पाकिस्तान ट्रेंड करने लगा। सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और टीवी पत्रकार गुल बुख़ारी ने उनके ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए कहा, ”क्या आप उपलब्धियाँ बता सकते हैं जो अंतरिक्ष में एक पाकिस्तानी को भेजने के लिए पैसे खर्च करेंगे? अब तक तो कोई वैज्ञानिक उपलब्धियाँ नहीं दिखी हैं।”

सलमान हैदर ने ट्वीट किया है, “हमारे पास स्वीमिंग पूल नहीं है इसलिए हम जंगल में डूबेंगे, लेकिन हम डूबेंगे।।”

ट्विटर यूज़र वहीद ने लिखा, “हमें इस तरह की चीज़ों की ज़रूरत नहीं है। लोग यहाँ भूख से मर रहे हैं और आप लोग पाकिस्तानी आवाम के पैसे को अपने ऐश-ओ-आराम के लिए उड़ा रहे हैं। सबसे पहले यहाँ ग़रीबी को दूर कीजिए उसके बाद अंतरिक्ष पर भेजने की बात कीजिए।”


Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -