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मुस्लिम डॉक्टर ने सर्जरी कर लगाया था सुअर का दिल, 2 महीने में ही डेविड की हो गई मौत

डॉक्टर मोहिउद्दीन ने यह सफल ट्रांसप्लांट 7 जनवरी 2022 (शुक्रवार) को किया था। मानव शरीर में किसी जानवर का दिल सफलतापूर्वक लगाने की यह पहली घटना थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इलाज के मात्र 2 महीने बाद ही बेनेट की हालत बिगड़ने लगी थी। फ़िलहाल उनकी मौत की सही वजह अभी तक नहीं बताई गई है।

जनवरी माह में अमेरिका के जिस व्यक्ति को सुअर का दिल लगाया गया था उस व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक का नाम डेविड बेनेट था। उनकी मौत मंगलवार (8 मार्च) को हुई। उसका इलाज यूनिवर्सिटी आफ मैरीलैंड मेडिकल सेंटर में हुआ था। बेनेट का इलाज करने वाले डॉक्टर का नाम मुहम्मद मोहिउद्दीन है। इस ट्रांसप्लांट के बाद डॉक्टर को अपने परिवार से ही भारी विरोध का सामना करना पड़ा था।

बता दें कि डॉक्टर मोहिउद्दीन ने यह सफल ट्रांसप्लांट 7 जनवरी 2022 (शुक्रवार) को किया था। मानव शरीर में किसी जानवर का दिल सफलतापूर्वक लगाने की यह पहली घटना थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इलाज के मात्र 2 महीने बाद ही बेनेट की हालत बिगड़ने लगी थी। फ़िलहाल उनकी मौत की सही वजह अभी तक नहीं बताई गई है। मौत के समय बेनेट की उम्र 57 साल की थी।

इलाज के बाद बेनेट धीरे – धीरे स्वस्स्थ हो रहे थे। पिछले महीने वायरल हुए एक वीडियो में उनको फुटबाल का मैच देखते हुए भी देखा गया था। बेनेट ने सर्जरी से पहले कहा था, “मैं जीना चाहता हूँ। मेरे पास हार्ट ट्रांसप्लांट एकमात्र विकल्प था। मेरी सर्जरी अँधेरे में तीर चलाने जैसी है लेकिन यही मेरी अंतिम इच्छा थी।” सर्जरी से पहले कई माह तक बेनेट बाईपास मशीन के सहारे जिन्दा थे।

गौरतलब है कि सुअर का दिल लगाने की सर्जरी में मुख्य भूमिका निभाने वाले डॉ मोहिउद्दीन ने अपने ही परिवार द्वारा खुद को अपमानित किए जाने की बात स्वयं स्वीकारी थी। तब उन्होंने कहा था’ “मेरे अपने ही घर में मेरे विरोध का कारण परिवार वालों की आस्था है। मेरी परवरिश पाकिस्तान के कराची शहर में हुई है। सुअर शब्द आते ही मेरे घर में हंगामा शुरू हो जाता था। मेरी माँ गरारे करने लगती थी। इस दौरान काफी शोर – शराबा मचता था। इसलिए सूअर के अंग को प्रयोग करना मेरे लिए बहुत कठिन काम था। उसे इंसान के शरीर में लगाने में मुझे बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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