Tuesday, May 21, 2024
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डेनमार्क पहुँचे PM मोदी का हुआ भव्य स्वागत, कई मुद्दों पर बातचीत: कहा – आज हमारे देश में नहीं किया निवेश तो चूक जाएँगे

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत और डेनमार्क दोनों देश लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, और कानून के शासन जैसे मूल्यों को तो साझा करते ही हैं, आज हमने इंडो पैसिफिक और यूक्रेन समेत कई वैश्विक मुद्दों पर भी बात की है।

यूरोप यात्रा के दूसरे दिन मंगलवार (3 मई, 2022) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन पहुँचे। एयरपोर्ट पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कोपेनहेगन पहुँचने के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “कोपेनहेगन पहुँचा हूँ। मैं गर्मजोशी से स्वागत के लिए प्रधानमंत्री फ्रेडेरिक्सेन का बहुत आभारी हूँ। यह यात्रा भारत-डेनमार्क के संबंधों को और मजबूत करने में दूरगामी परिणाम वाली होगी।”

विदेश मंत्रालय ने भी पीएम मोदी की यात्रा को लेकर ट्वीट किया, “डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने कोपेनहेगन हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। दोनों नेता अब डेनमार्क की प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास मारियनबोर्ग जाएँगे।”

पीएम मोदी और डेनमार्क की पीएम मेट फ्रेडरिकसेन के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप में प्रगति की समीक्षा की। विदेश मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने कौशल विकास, जलवायु, नवीकरणीय ऊर्जा, आर्कटिक, पी2पी संबंधों आदि के क्षेत्रों में हमारे व्यापक सहयोग पर भी चर्चा की।

भारत-डेनमार्क बिजनेस फोरम में पीएम मोदी ने कहा, “इन दिनों सोशल मीडिया पर फोमो या ‘फियर ऑफ मिसिंग’ शब्द का प्रचलन बढ़ रहा है। भारत में सुधारों और निवेश के अवसरों को देखते हुए, मैं कह सकता हूँ कि जो लोग हमारे देश में निवेश नहीं करते हैं वे निश्चित रूप से चूक जाएँगे।”

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत और डेनमार्क दोनों देश लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, और कानून के शासन जैसे मूल्यों को तो साझा करते ही हैं, आज हमने इंडो पैसिफिक और यूक्रेन समेत कई वैश्विक मुद्दों पर भी बात की है।

बयान में कहा गया, “हम आशा करते हैं कि इंडिया-ईयू ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत जल्द पूरी होगी। हमने रूल बेस्ड और फ्री इंडो पैसिफिक क्षेत्र बनाने पर जोर दिया है। हमने यूक्रेन पर तत्काल युद्धविराम और इस मसले का हल बातचीत के जरिए करने पर जोर दिया है। भारत ग्लासगो कॉप 56 में लिए गए संकल्पों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुझे विश्वास है कि आपके नेतृत्व में भारत और डेनमार्क के संबंध और ऊँचाईं पर जाएँगे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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