Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयकोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए दुबई जा रहे भारत के कई रईस, ₹55 लाख...

कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए दुबई जा रहे भारत के कई रईस, ₹55 लाख तक कर रहे हैं खर्च: भारत में है FREE

क्या आपको पता है कि भारत के कुछ ऐसे रईस भी हैं जो कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए दुबई जा रहे हैं और इसके लिए 55 लाख रुपए तक खर्च कर रहे हैं। इसके लिए वो चार्टर्ड फ्लाइट्स तक बुक करा रहे हैं।

भारत में अब तक 12.71 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है। खास बात ये है कि इसके लिए जनता को एक रुपया भी नहीं देना पड़ा है और इसका पूरा खर्च मोदी सरकार ही वहन कर रही है। लेकिन, क्या आपको पता है कि भारत के कुछ ऐसे रईस भी हैं जो कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए दुबई जा रहे हैं और इसके लिए 55 लाख रुपए तक खर्च कर रहे हैं। इसके लिए वो चार्टर्ड फ्लाइट्स तक बुक करा रहे हैं।

UAE में एस्ट्राजेनेका, साइनोफार्म और फाइजर जैसे वैक्सीन उपलब्ध हैं, लेकिन लोग फाइजर को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। UAE में 40 वर्ष की उम्र से ज्यादा के लोगों को मुफ्त में वैक्सीन लगाई जा रही है, जबकि भारत में 1 मई से 18 वर्ष से ऊपर के सभी लोग भी इसके लिए योग्य होंगे। भारत के कुछ अमीर लोगों के पास दुबई का रेजिडेंट वीजा है और वो इसका फायदा उठा रहे हैं। अप्रैल में ये सिलसिला काफी बढ़ा।

इसका कारण ये है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर आई और स्थिति काफी बिगड़ने लगी। मार्च में दुबई में रेजिडेंट वीजाधारकों को वैक्सीन लगाने की अनुमति दी गई, जिसके बाद से ही लोगों का वहाँ जाना शुरू हो गया। दुबई में वैक्सीन लगा चुके कुछ लोगों और चार्टर ऑपरेटर्स का कहना है कि कुछ लोग वैक्सीन की दो डोज लगाने के लिए दुबई में ही रह रहे हैं जबकि कुछ लोग वहाँ के दो चक्कर लगा रहे हैं।

दोनों ही स्थितियों में काफी रुपए खर्च हो रहे हैं। फाइजर की वैक्सीन के दो डोज़ों के लिए 3 सप्ताह का अंतराल रखा गया है। ऑपरेटर की प्राइस, सिटी ऑफ ओरिजिन, दुबई में रहने की अवधि और नंबर ऑफ पैसेंजर्स पर निर्भर दुबई आने-जाने का खर्च 55 लाख या इससे ऊपर भी हो सकता है। जिन भारतीयों ने दुबई में कारोबार रजिस्टर करा रखा है, उन्हें वहाँ रेजिडेंट वीजा मिला है। ET की खबर के अनुसार, एक कारोबारी अपनी पत्नी सहित 20 दिन के लिए दुबई में रहे, ताकि वैक्सीन लगवा सकें।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘श्मशान का भी व्यवसाय’… ईशा फाउंडेशन को पटना में एशिया के सबसे बड़े शवदाह गृह के संचालन की जिम्मेदारी मिलने पर हंगामा, जानें- ऑपइंडिया...

पटना के बांसघाट शवदाह गृह को लेकर उठे सवालों के बीच जानिए सरकार ने ईशा फाउंडेशन को जिम्मेदारी क्यों दी और क्या हैं सुविधाएँ।

वेनेजुएला में तबाही के बाद भारत के ‘भूदेव’ की आई याद, हिमालयी क्षेत्रों में तैनात ये सिस्टम बचा सकता है लाखों की जान: समझें...

भूकंप की जानकारी देने के लिए आईआईटी रुड़की ने एक अत्याधुनिक भूकंप अर्ली वॉर्निंग मोबाइल ऐप और सिस्टम ‘भूदेव’ तैयार किया है।
- विज्ञापन -