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शहबाज शरीफ बने पाकिस्तान के PM: इमरान खान का नेशनल असेंबली से इस्तीफा, कहा- चोरों के साथ नहीं बैठ सकता

नए प्रधानमंत्री के चुनाव से पहले इमरान खान ने नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि वह ‘चोरों’ के साथ नहीं बैठेंगे।

पाकिस्तान में महीनों की राजनीतिक उठापटक के बीच आज शहबाज शरीफ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री चुने गए हैं। शहबाज शरीफ को नेशनल असेंबली में निर्विरोध चुना गया है। वहीं नए पीएम के चुनाव के दौरान इमरान खान की पार्टी पीटीआई के सभी सांसदों ने सदन से वॉकआउट किया। पूर्व PM इमरान खान के करीबी फवाद चौधरी ने ये भी एलान किया कि उनकी पार्टी के सभी सांसद सामूहिक इस्तीफा देंगे जिसका कई सांसदों ने विरोध भी किया।

बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई शहबाज शरीफ (70 वर्षीय) पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सबसे लंबे तक मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। शाहबाज 2018 के चुनावों में PM पद के उम्मीदवार भी थे।

वहीं पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने शहबाज शरीफ पर भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। नए प्रधानमंत्री के चुनाव से पहले इमरान खान ने नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में यह कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि वह ‘चोरों’ के साथ नहीं बैठेंगे।

इमरान खान ने कहा, “जिस व्यक्ति के खिलाफ अरबों रुपए का भ्रष्टाचार का मामला है। उस व्यक्ति को प्रधानमंत्री के रूप में चुना जाना शर्मनाक है। देश का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता है।

कौन हैं शाहबाज शरीफ

शाहबाज शरीफ पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (PML-N) के सांसद हैं और पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं। वह 2018 से नेशनल असेंबली के सदस्य हैं और विपक्ष के नेता भी हैं।

गौरतलब है कि भारत पाकिस्तान के बँटवारे के पहले शरीफ परिवार जम्मू के अनंतनाग जिले में रहा करता था। बँटवारे के बाद शाहबाज ने लाहौर से ग्रेजुएशन किया। 80 के दशक में राजनीति में कदम रखने वाले शाहबाज शरीफ ने 1988 में पहला चुनाव जीता था। 1997 में वह पहली बार मुख्यमंत्री बने, इसके बाद 2008 और 2013 में भी वह पंजाब के मुख्यमंत्री रहे हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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