Thursday, July 18, 2024
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ब्रिटेन में जहाँ 2022 में हुई हिंदू विरोधी हिंसा, दुकानों-घरों पर हुए हमले, वहाँ से जीतीं ‘निडर हिंदू’ शिवानी राजा: लीसेस्टर ईस्ट में तीसरे नंबर पर रहा जुफ्फार हक

शिवानी राजा को इस चुनाव में 14,526 वोट मिले और लेबर पार्टी के राजेश अग्रवाल को मात्र 10,100 वोट मिले। इसके अलावा लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के ज़ुफ्फर हक़ केवल 6329 वोट हासिल किए। शिवानी राजा के साथ ही कंजर्वेटिव पार्टी के लिए भी यह बड़ी जीत है।

ब्रिटेन के आम चुनाव में लीसेस्टर ईस्ट से हिन्दू उम्मीदवार शिवानी राजा ने जीत हासिल की है। वह कंजर्वेटिव पार्टी से चुनाव लड़ रही थीं। उन्होंने लेबर पार्टी के उम्मीदवार राजेश अग्रवाल को पटखनी दी है। वह खुद को ‘निडर हिंदू’ बताती हैं।

शिवानी राजा को इस चुनाव में 14,526 वोट मिले और लेबर पार्टी के राजेश अग्रवाल को मात्र 10,100 वोट मिले। इसके अलावा लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के ज़ुफ्फर हक़ केवल 6329 वोट हासिल किए। शिवानी राजा के साथ ही कंजर्वेटिव पार्टी के लिए भी यह बड़ी जीत है। कंजर्वेटिव पार्टी को यह जीत 37 साल बाद हासिल हुई है। इस सीट पर लगातार लेबर पार्टी कब्जा कर रही थी। शिवानी राजा लीसेस्टर में जन्मी पहली पीढ़ी की ब्रिटिश नागरिक हैं और एक कट्टर हिंदू हैं।

शिवानी राजा की वेबसाइट के अनुसार, शिवानी राजा के माता-पिता 70 के दशक के अंत में केन्या और भारत से लीसेस्टर चले गए थे। शिवानी ने डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी से अपनी शिक्षा पूरी की है। उन्होंने फार्मास्युटिकल और कॉस्मेटिक साइंस में ग्रेजुएशन किया है और बाद में इंग्लैंड में कुछ बड़े कॉस्मेटिक्स ब्रांड के साथ काम किया है।

पिछले महीने वह लीसेस्टर में हिन्दू मंदिर के 50 वर्ष पूरे होने के समारोह में भी हिस्सा लिया था।

पिछले महीने की शुरुआत में वह लीसेस्टर पूर्व में हिन्दू कथावाचक गिरिबापू के ‘शिव कथा’ कार्यक्रम में शामिल हुईं थी।

लेबर पार्टी को ब्रिटेन भर में जीत लेकिन लीसेस्टर में पटखनी

ब्रिटेन के आम चुनावों में लेबर पार्टी बड़ी जीत की तरफ अग्रसर है। इसी के साथ कंजर्वेटिव पार्टी का 14 साल का शासन खत्म हो गया है और अब लेबर पार्टी के नेता किएर स्टारमर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री की भूमिका संभालने जा रहे हैं। लेकिन कंजर्वेटिव उम्मीदवार होने के नाते, शिवानी राजा ने लीसेस्टर ईस्ट सीट पर ऐतिहासिक जीत है।

लेसीस्टर ईस्ट परंपरागत रूप से लेबर पार्टी का गढ़ रही है। लीसेस्टर ईस्ट, हिन्दू मुस्लिम समेत कई समुदायों वाला इलाका है। यहाँ दशकों से लगातार लेबर उम्मीदवार जीतते आए हैं। यहाँ कंजर्वेटिव की जीत एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर माना जा रहा है।

गौरतलब है कि यहाँ से हारने वाली निर्दलीय उम्मीदवार क्लॉडिया वेब ने पिछले साल खालिस्तानियों और उनके एक फर्जी ‘जनमत संग्रह’ का खुलकर समर्थन किया था। इस दौरान लंदन में भारतीय उच्चायोग पर खालिस्तानियों की भीड़ ने हमला भी किया था। उन्हें मिशेल मेरिट नाम की एक महिला को 18 महीने तक परेशान करने का दोषी पाया गया था। इसके बाद उन्हें लेबर पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने इसके बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था।

हिंदू उम्मीदवार शिवानी राजा की जीत के इस क्षेत्र की जनसांख्यिकी और यहाँ के हालिया इतिहास के हिसाब से महत्वपूर्ण है। लीसेस्टर 2022 में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा का केंद्र था, इसके बाद इस इलाके में काफी तनाव उत्पन्न हो गया था। इस तनाव के बाद पुराने मुद्दे बाहर आ गए थे। शिवानी राजा की जीत के बाद यहाँ के हिन्दुओं के मुद्दे सुलझने की उम्मीद है।

लीसेस्टर हिन्दू विरोधी हिंसा

वर्ष 2022 में लीसेस्टर में हिंदू विरोधी हिंसा हुई थी। ऑपइंडिया ने इस मामले में बताया था कि यहाँ सितंबर 2022 में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच के बाद विवाद शुरू हुआ इसने जल्द ही लड़ाइयों का रूप ले लिया। इसके बाद इस इलाके में हिंदुओं के घरों, व्यवसायों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया था।

सोशल मीडिया पर हिन्दुओं के विरुद्ध फर्जी जानकारी भड़काऊ बयानबाजी की गई जिससे हिंसा भड़की। इलाके के मुस्लिमों ने लगातार हिन्दुओं के विरुद्ध अपमानजनक बयानबाजी की और सड़कों पर निकल कर हिन्दुओं को डराने का प्रयास किया। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया। ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स के सामने रखी गई CDPHR की एक रिपोर्ट में कहा गया कि हिंदू समुदाय पर हमला “लोकतांत्रिक संस्थाओं और कानून के राज” पर सीधा हमला था।

shivani raja from conservative wins leicester seat where violence against hindus hapeened in 2022

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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