Monday, April 19, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय श्रीलंका आतंकी की हिंदू पत्नी का धर्मांतरण कर आतंक के लिए उकसाया, बनाया आतंकी

श्रीलंका आतंकी की हिंदू पत्नी का धर्मांतरण कर आतंक के लिए उकसाया, बनाया आतंकी

उसकी माँ कविता महेन्द्रन के अनुसार पुलस्थिनी एक होनहार छात्रा थी जो मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी। वह स्कूल में पारंपरिक तमिल और हिंदू धार्मिक अध्ययन भी की थी। अबुल रज़िक ने पुलस्थिनी का तब अपहरण कर लिया जब वह एक छात्रा ही थी।

श्रीलंकाई आत्मघाती हमलावर मोहम्मद हस्थून की बेगम, पुलस्थिनी महेंद्रन (कुछ रिपोर्टों में पुलस्थिनी राजेंद्रन के रूप में भी इसका उल्लेख किया गया है) उर्फ सारा, जिसे हाल ही में श्रीलंकाई बम विस्फोटों में एक सक्रिय भागीदार माना जाता है। जो एक हिंदू निम्न मध्यम वर्ग परिवार में पैदा हुई थी और उसे धर्मांतरित कर इस्लाम कबूल कराया गया और कट्टरपंथी तालीम दी गई। ऐसा लोकप्रिय तमिल चैनल IBC तमीज़ की एक रिपोर्ट से पता चला है।

रिपोर्ट के अनुसार, पुलस्थिनी का जन्म श्रीलंका के पूर्वी प्रांत में बट्टिकलोआ जिले में स्थित थेटातिवु में एक मध्यमवर्गीय हिंदू परिवार में हुआ था और कथित तौर पर उसका अपहरण कर लिया गया था, जिसके बाद उसे धर्मान्तरित कर इस्लाम कबूल कराया गया और इस्लामी समूहों ने उसे इस कदर कट्टरपंथी बना दिया।

IBC तमीज़ का उसकी माँ कविता महेन्द्रन के साथ साक्षात्कार बताता है कि पुलस्थिनी एक होनहार छात्रा थी जो मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी। वह स्कूल में पारंपरिक तमिल और हिंदू धार्मिक अध्ययन भी करती थी। इसी दौरान, अब्दुल रज़िक ने पुलस्थिनी का अपहरण कर लिया जब वह एक छात्रा ही थी।

कविता का दावा है कि उसने अपनी बेटी को वापस लाने की बहुत कोशिश की, लेकिन रज़िक  ने जोर देकर कहा कि पुलस्तिनी खुश है और उसने अपना निर्णय स्वयं लिया है। कुछ महीने बाद, रज़िक ने कविता को फोन करके बताया कि उसकी बेटी ने इस्लाम कबूल कर लिया है और उसकी शादी एक आदमी से कर दी गई। उसका पति मोहम्मद हस्थून को माना जाता है, जो ईस्टर संडे को सेंट सेबेस्टियन चर्च में बम विस्फोट करते हुए कैमरे में कैद हुआ था।

यहीं से कविता ने अपनी बेटी के साथ खुद को सभी संबंधों से अलग कर लिया। इसके एक महीने बाद, कविता का दावा है कि उसे अपनी परेशान बेटी का फोन आया जिसने कहा कि वह जीवन में बहुत दुखी है और वह पूरी तरह टूट चुकी थी। हालाँकि, इस फोन कॉल के बाद, पुलस्थिनी से कोई संपर्क नहीं हुआ।

ईस्टर संडे के हमलों के लगभग दो हफ्ते पहले, कविता ने एक अज्ञात व्यक्ति का दावा किया, जिसने खुद की पहचान श्रीलंकाई खुफिया अधिकारी के रूप में देते हुए बताया कि वह पुलस्थिनी की तलाश में आया था, इसके आलावा उसने कोई जानकारी नहीं दी।

IBC की रिपोर्ट बताती है कि अबुल रज़िक वास्तव में एक कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन, श्रीलंकाई तोहिद जमाथ (SLTJ) का नेता है, जिसका तमिलनाडु के तोहिद जमाथ के साथ वैचारिक संबंध है।

बता दें कि आईएसआईएस ने पिछले महीने श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार विस्फोटों की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 300 से अधिक लोगों की जान जाने का दावा किया गया था। इस आत्मघाती हमले में सबसे अमीर और राजनीतिक रूप से अच्छी-खासी दखल रखने वाले व्यक्ति के 2 बेटे आत्मघाती हमलावर पाए गए। बम विस्फोट करने वालों में से एक की पत्नी द्वारा कोलम्बो में रहने वाले पुलिसकर्मियों को मारने के लिए आत्मघाती विस्फोट के बाद उसके परिवार से पूछताछ चल रही है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया। अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी परखा।

‘कुम्भ में जाकर कोरोना+ हो गए CM योगी, CMO की अनुमति के बिना कोविड मरीजों को बेड नहीं’: प्रियंका व अलका के दावों का...

कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी ने CMO की अनुमति के बिना मरीजों को अस्पताल में बेड्स नहीं मिल रहे हैं, अलका लाम्बा ने सीएम योगी आदित्यनाथ के कोरोना पॉजिटिव होने और कुम्भ को साथ में जोड़ा।

जमातों के निजी हितों से पैदा हुई कोरोना की दूसरी लहर, हम फिर उसी जगह हैं जहाँ से एक साल पहले चले थे

ये स्वीकारना होगा कि इसकी शुरुआत तभी हो गई थी जब बिहार में चुनाव हो रहे थे। लेकिन तब 'स्पीकिंग ट्रुथ टू पावर' वालों ने जैसे नियमों से आँखें मूँद ली थी।

मनमोहन सिंह का PM मोदी को पत्रः पुराने मुखौटे में कॉन्ग्रेस की कोरोना पॉलिटिक्स को छिपाने की सोनिया-राहुल की नई कवायद

ऐसा लगता है कि कॉन्ग्रेस ने मान लिया है कि सोनिया या राहुल के पत्र गंभीरता नहीं जगा पाते। उसके पास किसी भी तरह के पत्र को विश्वसनीय बनाने का एक ही रास्ता है और वह है मनमोहन सिंह का हस्ताक्षर।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

मोदी सरकार ने चुपके से हटा दी कोरोना वॉरियर्स को मिलने वाली ₹50 लाख की बीमा: लिबरल मीडिया के दावों में कितना दम

दावा किया जा रहा है कि कोरोना की ड्यूटी के दौरान जान गँवाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख की बीमा योजना केंद्र सरकार ने वापस ले ली है।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

‘छोटा सा लॉकडाउन, दिल्ली छोड़कर न जाएँ’: इधर केजरीवाल ने किया 26 अप्रैल तक कर्फ्यू का ऐलान, उधर ठेकों पर लगी कतार

केजरीवाल सरकार ने 26 अप्रैल की सुबह 5 बजे तक तक दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है। इस दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर लेने का भरोसा दिलाया है।

SC के जज रोहिंटन नरीमन ने वेदों पर की अपमानजनक टिप्पणी: वर्ल्ड हिंदू फाउंडेशन की माफी की माँग, दी बहस की चुनौती

स्वामी विज्ञानानंद ने SC के न्यायाधीश रोहिंटन नरीमन द्वारा ऋग्वेद को लेकर की गई टिप्पणियों को तथ्यात्मक रूप से गलत एवं अपमानजनक बताते हुए कहा है कि उनकी टिप्पणियों से विश्व के 1.2 अरब हिंदुओं की भावनाएँ आहत हुईं हैं जिसके लिए उन्हें बिना शर्त क्षमा माँगनी चाहिए।

जिसने उड़ाया साधु-संतों का मजाक, उस बॉलीवुड डायरेक्टर को पाकिस्तान का FREE टिकट: मिलने के बाद ट्विटर से ‘भागा’

फिल्म निर्माता हंसल मेहता सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार विवादों में घिरने के बाद उन्होंने...

ईसाई युवक ने मम्मी-डैडी को कब्रिस्तान में दफनाने से किया इनकार, करवाया हिंदू रिवाज से दाह संस्कार: जानें क्या है वजह

दंपत्ति के बेटे ने सुरक्षा की दृष्टि से हिंदू रीति से अंतिम संस्कार करने का फैसला किया था। उनके पार्थिव देह ताबूत में रखकर दफनाने के बजाए अग्नि में जला देना उसे कोरोना सुरक्षा की दृष्टि से ज्यादा ठीक लगा।

रोजा वाले वकील की तारीफ, रमजान के बाद तारीख: सुप्रीम कोर्ट के जज चंद्रचूड़, पेंडिग है 67 हजार+ केस

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने याचिककर्ता के वकील को राहत देते हुए एसएलपी पर हो रही सुनवाई को स्थगित कर दिया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,232FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe