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‘प्राइवेट पार्ट सहलाते हुए कहा – मुझे किस करो’: गुरुद्वारा के पूर्व ग्रंथी ने किया नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण: पकड़ाने पर कहा – ‘हॉर्नी था’

26 वर्षीय राजिंदर सिंह पर आरोप है कि उसने न सिर्फ 11 साल की लड़की को गलत तरीके से छुआ, बल्कि दो अन्य नाबालिग लड़कियों के सामने यौन हरकतें (सेक्स एक्ट) की।

ऑस्ट्रेलिया के ग्रेटर सिडनी स्थिति एक गुरुद्वारा के पूर्व ग्रंथी पर दो नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण का आरोप है। इनमें से एक लड़की की उम्र 10 से 16 वर्ष की उम्र के बीच है। इसके अलावा एक अन्य लड़की का पीछा करने और उसे डराने का मामला उस पर दर्ज किया गया है। वो उसे नुकसान पहुँचाने के लिए जानबूझ कर ऐसा कर रहा था। आरोपित राजिंदर सिंह को दिसंबर 2021 में गिरफ्तार किया गया था। वो नाबालिग लड़कियों से खुद को किस करवाने की कोशिश कर रहा था।

राजिंदर सिंह पर एक 11 वर्षीय नाबालिग लड़की के बाथरूम में घुस कर उसे गलत तरीके से छूने के आरोप भी हैं। पेनरिथ की स्थानीय अदालत में उसने खुद का दोष कबूल किया है। 26 वर्षीय राजिंदर सिंह पर आरोप है कि उसने न सिर्फ 11 साल की लड़की को गलत तरीके से छुआ, बल्कि दो अन्य नाबालिग लड़कियों के सामने यौन हरकतें (सेक्स एक्ट) की। ये पश्चिमी सिडनी की घटना है। 13 और 14 साल की दो लड़कियों ने बताया कि घटना के समय वो टेंश रिजर्व नामक स्थान में थीं।

तभी जेमिसनटाउन में स्थित उस जगह पर राजिंदर सिंह आ धमका और उसने उन दोनों का यौन शोषण किया। अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, राजिंदर सिंह ने अपने होठों की तरफ इशारा करते हुए ‘किस-किस’ कहा। उसने कई बार ऐसा किया। साथ ही वो पेट और जाँघों के बीच स्थित अपने प्राइवेट पार्ट्स को बार-बार रगड़ रहा था। जहाँ लड़कियाँ बैठी हुई थीं, वहाँ उसने अपने पाँव भी रख दिए थे। पुलिस थाने में पूछताछ के दौरान उसने ये जुर्म स्वीकार कर लिए।

राजिंदर सिंह ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उस समय वो ‘हॉर्नी’ था और उन लड़कियों की तरफ आकर्षित हो गया था। उसका कहना है कि वो बस किस के लिए उन लड़कियों की सहमति ले रहा था। सिख गुरुद्वारा पहले ही उसे नौकरी से निकाल चुका है। गुरुद्वारा ने आधिकारिक बयान जारी कर के कहा, “हम राजिंदर सिंह की करतूतों से निराश हैं और इसे माफ़ नहीं किया जा सकता। सिख धर्म में ऐसी हरकतों की कोई जगह नहीं है और सिख समुदाय इसके लिए माफ़ी भी नहीं देता।”

गुरुद्वारा प्रबंधन ने कहा कि वो इस हरकत की कड़ी निंदा करता है और ये काफी शर्मनाक है। साथ ही आश्वासन दिया कि इस तरह की हरकतों को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे वो समुदाय का कोई भी व्यक्ति हो। अब इस मामले में अप्रैल 2022 में अगली सुनवाई होगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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