Sunday, July 3, 2022
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयहाथ काट लिया जाएगा, इस्लामी शरिया कानून से होगा सब कुछ: चोरी की सजा...

हाथ काट लिया जाएगा, इस्लामी शरिया कानून से होगा सब कुछ: चोरी की सजा के लिए तालिबान ने मस्जिद से की घोषणा

काबुल की एक मस्जिद से घोषणा कर दी गई कि जो लोग चोरी करते हुए या चोरी में लिप्त पाए जाते हैं, उनके हाथ इस्लाम के शरिया कानून के अनुसार काट दिए जाएँगे।

तालिबान ने वही किया, जिसके कयास लगाए जा रहे थे। वही किया, जिससे वो खुद भी इनकार नहीं कर रहे थे। काबुल की एक मस्जिद से घोषणा कर दी गई कि जो लोग चोरी करते हुए या चोरी में लिप्त पाए जाते हैं, उनके हाथ इस्लाम के शरिया कानून के अनुसार काट दिए जाएँगे।

पत्रकार आदित्य राज कौल ने काबुल मस्जिद के माध्यम से तालिबान द्वारा की गई घोषणा के बारे में जानकारी देने के लिए ट्विटर का सहारा लिया। इसमें कहा गया कि जो लोग चोरी या चोरी के मामले में रंगे हाथ पकड़े जाते हैं, उनके हाथ इस्लामी शरीयत कानून में परिभाषित कानून के अनुसार काट दिए जाएँगे।

इस्लामी शरिया कानून मुस्लिमों को उस अपराधी के ‘हाथ काटने’ का आदेश देता है, जिसने चोरी की है। कुरान 5:38 कहता है कि चोरी और डकैती के अपराधियों का हाथ काट कर दंडित किया जाना चाहिए।

अमेरिका के सैनिक अब अफगानिस्तान से लौट गए हैं। वहाँ अब तालिबान का शासन हो गया है। अपने शासन के दौरान, तालिबान द्वारा दी गई सजा में हत्यारों को सार्वजनिक रूप से फाँसी देना, लुटेरों और चोरों के हाथ-पैर काटना और मिलावट करने वालों को पत्थर मारना एवं कोड़े मारना शामिल रहा है। 

उल्लेखनीय है कि अफगानिस्तान में तालिबानी आतंकियों का आतंक दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। तालिबान के इस्लामी आतंकी क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए निर्दोष लोगों को भी मार रहे हैं। पिछले दिनों तालिबान ने एक 21 वर्षीय लड़की की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी, क्योंकि उसने टाइट कपड़े पहने थे और उसके साथ कोई पुरुष रिश्तेदार नहीं था।

यह भी रिपोर्ट है कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से तालिबानी आतंकी बेगुनाह लोगों को जबरन घरों से बाहर निकालकर मार रहे हैं। उन्होंने जिन इलाकों पर कब्जा कर लिया है, वहाँ शरियत कानून लागू करते हुए महिलाओं के अकेले घर से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

मालूम हो कि तालिबान ने अपने 1996-2001 के क्रूर शासन के दौरान लड़कियों को स्कूल जाने के अधिकार से वंचित रखा था। साथ ही महिलाओं को घर से बाहर काम करने की अनुमति भी नहीं थी। उस समय महिलाओं को बुर्का पहनना पड़ता था और बाहर जाते समय उनके साथ पुरुष परिजन या किसी पुरुष रिश्तेदार का साथ होना जरूरी होता था। वहीं, उस समय व्यभिचार (adultery) के आरोपितों को सार्वजनिक रूप से पत्थर मार-मार कर मार डाला जाता था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

AG के पास पहुँचा TMC वाला साकेत गोखले, हमारे खिलाफ चलाना चाहता है अदालत की अवमानना का मामला: हम अपने शब्दों पर अब भी...

ऑपइंडिया की एडिटर नुपूर शर्मा के लेख की शिकायत लेकर टीएमसी नेता साकेत गोखले अटॉर्नी जनरल के पास गए हैं ताकि अदालत की अवमानना का केस चलवा सकें।

‘शौच करने गई थी, मोहम्मद जाकिर हुसैन सर पीछे-पीछे आ गए’: मिडिल स्कूल में शिक्षक ने नाबालिग छात्रा से की छेड़खानी, हुआ गिरफ्तार

बिहार के सुपौल में शिक्षक जाकिर हुसैन ने 7वीं कक्षा की लड़की के साथ छेड़छाड़ किया। परिजनों ने थाने में दर्ज कराया मामला। आरोपित गिरफ्तार।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
202,975FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe