Wednesday, April 21, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय RSS नेता रुल्दा सिंह की हत्या के मामले में 3 खालिस्तान समर्थकों को UK...

RSS नेता रुल्दा सिंह की हत्या के मामले में 3 खालिस्तान समर्थकों को UK पुलिस ने किया गिरफ्तार

रुल्दा सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन राष्ट्रीय सिख संगत से जुड़े हुए थे। 2009 के दौरान पटियाला में उनकी हत्या की गई थी, वह एक दुकान के सामने खड़े थे तभी उन पर हत्यारों ने गोली चला दी थी।

यूनाइटेड किंगडम (यूके) की द वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने 3 खालिस्तान समर्थकों को गिरफ्तार किया है, यह तीनों 2009 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता रुल्दा सिंह की हत्या के मामले में आरोपित हैं। तीनों आरोपित यूके के ही नागरिक हैं, इनकी पहचान गुरशरणबीर सिंह वहीवाला, अमृतबीर सिंह वहीवाला और प्यारा सिंह गिल के रूप में हुई है। 

वेस्टमिन्स्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा प्रत्यर्पण वारंट (extradition warrants) जारी होने के बाद इन तीनों की गिरफ्तारी 21 दिसंबर को हुई थी। वेस्टमिन्स्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के सामने पेश किए जाने के बाद इन्हें कड़े दिशा निर्देशों का हवाला देते हुए जमानत पर रिहा कर दिया गया था। 

रुल्दा सिंह की हत्या

रुल्दा सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन राष्ट्रीय सिख संगत से जुड़े हुए थे। 2009 के दौरान पटियाला में उनकी हत्या की गई थी, वह एक दुकान के सामने खड़े थे तभी उन पर हत्यारों ने गोली चला दी थी। दूसरे देशों के दौरे पर वह वहाँ रहने वाले सिख समुदाय के लोगों से भारत वापस आने का निवेदन करते थे।  

रुल्दा सिंह की हत्या के लिए आरोपित आया था भारत 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने इस घटना पर बताया था कि गुरशरणबीर सिंह वहीवाला और प्यारा सिंह गिल रुल्दा सिंह की हत्या करने के लिए भारत आए थे। गुरशरणबीर अपने भाई अमृतबीर सिंह वहीवाला के पासपोर्ट पर भारत आया था। 2009 में पुलिस ने इस मामले से जुड़े कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया था लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया था। पंजाब पुलिस ने जुलाई 2010 के दौरान इस हत्या की घटना से जुड़ी जानकारी वेस्टमिडलैंड्स पुलिस से साझा की थी, जिसके बाद गुरशरणबीर सिंह को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था। इसके बाद दिसंबर 2010 में यूके पुलिस की एक टीम मामले के अन्य आरोपितों से पूछताछ के लिए पटियाला आई थी जो उस वक्त नाभा जेल में कैद थे। 

फरवरी 2015 में पटियाला कोर्ट ने गुरशरणबीर सिंह वहीवाला को अपराधी घोषित किया था। इस मामले में 5 अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी हुई थी लेकिन सबूतों के अभाव के चलते पटियाला कोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया था। 

एनआईए की जाँच में सामने आया खालिस्तान और गुरशरणबीर सिंह का संबंध 

गुरशरणबीर सिंह वहीवाला 2016-2017 के बीच हुई सिलसिलेवार हत्याओं का मुख्य साज़िशकर्ता था जिसमें आरएसएस नेता ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा (सेवानिवृत्त) का नाम भी शामिल था। वह खालिस्तानी लिबरेशन फ़ोर्स के मुखिया हरमिंदर सिंह मिंटू का सहयोगी भी था जिसकी 2018 के दौरान पंजाब की जेल में मृत्यु हो गई थी। मिंटू पर हत्या के अलावा ग़ैरक़ानूनी गतिविधियों के भी आरोप थे। गुरशरणबीर सिंह ब्रिटिश नागरिक जगतार सिंह जोहाल का भी करीबी माना जाता है जिस पर सिलसिलेवार हत्याओं का आरोप है। सितंबर 2018 में वेस्टमिडलैंड काउंटर टेररिज्म यूनिट ने गुरशरणबीर सिंह के घर पर छापा मारा था। 

आरएसएस नेता ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा की हत्या के आरोप में एनआईए ने चार्जशीट दायर की थी जिसमें 11 आरोपितों का नाम शामिल किया गया था। अगस्त 2016 के दौरान जालंधर में हत्यारों ने गोली मार कर उनकी हत्या कर दी थी। एनआईए की चार्जशीट में गुरशरणबीर सिंह और जगतार सिंह जोहाल का नाम मौजूद है।       

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देश के 3 सबसे बड़े डॉक्टर की 35 बातें: कोरोना में Remdesivir रामबाण नहीं, अस्पताल एक विकल्प… एकमात्र नहीं

देश में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। 2.95 लाख नए मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़ कर...

‘गैर मुस्लिम नहीं कर सकते अल्लाह शब्द का इस्तेमाल, किसी अन्य ईश्वर से तुलना गुनाह’: इस्लामी संस्था ने कहा- फतवे के हिसाब से चलें

मलेशिया की एक इस्लामी संस्था ने कहा है कि 'अल्लाह' एक बेहद ही पवित्र शब्द है और इसका इस्तेमाल सिर्फ इस्लाम के लिए और मुस्लिमों द्वारा ही होना चाहिए।

आज वैक्सीन का शोर, फरवरी में था बेकारः कोरोना टीके पर छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेसी सरकार ने ही रचा प्रोपेगेंडा

आज छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री इस बात से नाखुश हैं कि पीएम ने राज्यों को कोरोना वैक्सीन देने की बात नहीं की। लेकिन, फरवरी में वही इसके असर पर सवाल उठा रहे थे।

पंजाब के 1650 गाँव से आएँगे 20000 ‘किसान’, दिल्ली पहुँच करेंगे प्रदर्शनः कोरोना की लहर के बीच एक और तमाशा

संयुक्त किसान मोर्चा ने 'फिर दिल्ली चलो' का नारा दिया है। किसान नेताओं ने कहा कि इस बार अधिकतर प्रदर्शनकारी महिलाएँ होंगी।

हम 1 साल में कितने तैयार हुए? सरकारों की नाकामी के बाद आखिर किस अवतार की बाट जोह रहे हम?

मुफ्त वाई-फाई, मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी से आगे लोगों को सोचने लायक ही नहीं छोड़ती समाजवाद। सरकार के भरोसे हाथ बाँध कर...

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

प्रचलित ख़बरें

रेप में नाकाम रहने पर शकील ने बेटी को कर दिया गंजा, जैसे ही बीवी पढ़ने लगती नमाज शुरू कर देता था गंदी हरकतें

मेरठ पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी ही बेटी ने रेप करने की कोशिश का आरोप लगाया है।

मधुबनी: धरोहर नाथ मंदिर में सोए दो साधुओं का गला कुदाल से काटा, ‘लव जिहाद’ का विरोध करने वाले महंत के आश्रम पर हमला

बिहार के मधुबनी जिला स्थित खिरहर गाँव में 2 साधुओं की गला काट हत्या कर दी गई है। इससे पहले पास के ही बिसौली कुटी के महंत के आश्रम पर रात के वक्त हमला हुआ था।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

रवीश और बरखा की लाश पत्रकारिताः निशाने पर धर्म और श्मशान, ‘सर तन से जुदा’ रैलियाँ और कब्रिस्तान नदारद

अचानक लग रहा है जैसे पत्रकारों को लाश से प्यार हो गया है। बरखा दत्त श्मशान में बैठकर रिपोर्टिंग कर रही हैं। रवीश कुमार लखनऊ को लाशनऊ बता रहे हैं।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,653FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe