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भारत की अध्यक्षता में तालिबान और अफगानिस्तान पर बुलाई गई UNSC की आपातकालीन बैठक: जानें क्या हुई चर्चा

"मैं अफगानिस्तान के लाखों लोगों की ओर से बोल रहा हूँ। मैं उन लाखों अफगानी लड़कियों और महिलाओं की ओर से बोल रहा हूँ जो स्कूल जाने और राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक भागीदारी की स्वतंत्रता खोने वाली हैं।"

अफगानिस्तान में तेजी से बदले स्थानीय हालातों के मद्देनजर भारत की अध्यक्षता में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक बुलाई गई।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता कर रहे भारत ने कहा कि काबुल के हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लोग बेहद बुरी हालत में दिखाई दिए। महिलाएँ एवं बच्चे तनाव में हैं और एयरपोर्ट समेत शहर के अन्य हिस्सों से गोलीबारी की खबरें आ रही हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि यदि आतंकवाद के प्रति कोई सहिष्णुता नहीं दिखाई जाती है और अफगानी इलाकों का उपयोग किसी अन्य देश को धमकाने या उस पर हमला करने के लिए नहीं होता है तो अफगानिस्तान का पड़ोसी इलाका सुरक्षित महसूस करेगा।

भारत ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान का पड़ोसी और वहाँ के लोगों का मित्र होने के नाते अफगानिस्तान में जो भी हो रहा है वह चिंता का विषय है। अफगानी पुरुष, महिलाएँ और बच्चे लगातार डर में जी रहे हैं। इसके अलावा भारत ने कहा कि इस संकट के पहले से अफगानिस्तान के सभी 34 प्रांतों में कोई न कोई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट चल रहे हैं, साथ ही यह भी कहा गया कि भारत सभी पक्षों से यह आशा करता है कि संयुक्त राष्ट्र और दूतावास के सदस्यों समेत अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

अफगानिस्तान की ओर से बात रखते हुए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्य और राजदूत गुलाम एम इसाकजई ने कहा, “मैं अफगानिस्तान के लाखों लोगों की ओर से बोल रहा हूँ। मैं उन लाखों अफगानी लड़कियों और महिलाओं की ओर से बोल रहा हूँ जो स्कूल जाने और राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक भागीदारी की स्वतंत्रता खोने वाली हैं।” इसाकजई ने कहा कि तालिबान दोहा और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किए गए अपने वादों का कोई सम्मान नहीं कर रहा है और लोग डर में जीने को मजबूर हैं।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस (António Guterres) ने कहा कि वह तालिबान समेत सभी पक्षों से यह अपील करते हैं कि लोगों की जान बचाने और मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति करने की प्रतिबद्धता दिखाई जाए।

गुटेरेस ने यह भी कहा कि अफगानी गौरवपूर्ण लोग हैं और वह पीढ़ियों से युद्धरत और कठिनाईयों को झेलने के लिए जाने जाते हैं और वह हमारे पूरे सहयोग के अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया देख रही है और हम किसी भी हालत में अफगानिस्तान को ऐसे ही नहीं छोड़ सकते हैं।

गुटेरेस ने कहा कि अफगानिस्तान से मानव अधिकारों पर लगाई गई पाबंदियों की खबरें आ रही हैं, खासतौर पर महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ मानव अधिकारों के उल्लंघन की। ऐसे में वह तालिबान समेत सभी पक्षों से यह अपील करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय अधिकारों का सम्मान किया जाए।

वहीं यह भी खबर आ रही है कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन अफगानिस्तान के मुद्दे पर देश को संबोधित करेंगे। ज्ञात हो कि अमेरिका द्वारा अपनी सेनाओं के वापस बुलाए जाने के बाद अफगानिस्तान में हालात ख़राब हुए और तालिबान एवं अफगानी सेनाओं के बीच संघर्ष बढ़ता गया। आज स्थिति यह है कि अब अफगानिस्तान में तालिबान का शासन स्थापित है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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