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अमेरिका: मुस्तफा कादरी ने कोविड रिलीफ फंड से लिया ₹36 करोड़ का लोन, लग्जरी गाड़ियों पर लुटाए पैसे

कादरी ने लोन के पैसे का इस्तेमाल फेरारी, बेंटले और लैम्बोर्गिनी जैसी लग्जरी कारों को खरीदने के लिए किया।

अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया में मुस्तफा कादरी नाम के एक 38 वर्षीय व्यक्ति को कोविड रिलीफ फंड के दुरुपयोग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। मुस्तफा पर फेडरल कोविड-19 रिलीफ फंड की 5 मिलियन डॉलर (₹36 करोड़ 71 लाख) की राशि के दुरुपयोग का आरोप है। कादरी को पिछले हफ्ते अमेरिकी सरकार के ‘पेचेक प्रोटेक्शन प्रोग्राम’ में धोखाधड़ी करने के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। उसके ऊपर बैंक धोखाधड़ी, वायर फ्रॉड, पहचान चुराने, और मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई धराएँ लगाई गई हैं।

मुस्तफा कादरी को बाद में $100,000 (₹73,41,805) के बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया। उसका ट्रायल 29 जून को निर्धारित किया गया है। वह और उनके वकील टिप्पणी के लिए कथित रूप से अनुपलब्ध थे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मुस्तफा ने अमेरिकी सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी की वजह से हुए आर्थिक नुकसान से उबरने के लिए छोटे उद्योगों की मदद के लिए शुरू किए गए ‘पेचेक प्रोटेक्शन प्रोग्राम’ में लाखों डॉलर की धोखाधड़ी की थी।

लोन राशि प्राप्त करने के बाद, कादरी ने इसका इस्तेमाल अपने लिए फेरारी, बेंटले और एक लैम्बोर्गिनी जैसी लग्जरी कारों को खरीदने के लिए किया। इसके अलावा, उन्होंने पीपीपी लोन के एक हिस्सा का इस्तेमाल महँगी छुट्टियों और अन्य व्यक्तिगत खर्चों पर भी किया।

अदालत में अभियोजकों ने तर्क दिया कि कादरी ने तीन बैंकों में उन कंपनियों के नाम पर धोखाधड़ी वाले लोन आवेदन किए, जिनका वजूद ही नहीं था। इसके अलावा, उसके द्वारा प्रस्तुत किए गए कागजात में जाली बैंक रिकॉर्ड, नकली कर रिटर्न आदि शामिल थे।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कादरी ने एक लोन के लिए आवेदन करने के लिए किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर, सामाजिक सुरक्षा संख्या और हस्ताक्षर का उपयोग भी किया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद, अधिकारियों ने फेरारी, बेंटले और लैम्बोर्गिनी कारों के साथ ही उसके बैंक खातों से $2 मिलियन (₹1,46,89,710) जब्त किए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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