Thursday, June 13, 2024
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हिजाब उतार कर सड़कों पर आईं ईरान की औरतें: सिर न ढकने पर 22 साल की लड़की की हत्या का विरोध, पुलिस ने प्रदर्शकारियों पर गोली दागी; Video वायरल

मसीह अलीनेजाद ने इस प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया है। उन्होंने बताया कि ईरान और सक्केज की औरतों ने महसा अमिनी की हत्या के विरोध में अपने हिजाब उतारकर प्रदर्शन किए। साथ ही 'तानाशाह को मौत' जैसे नारे बुलंद किए।

हिजाब सही से न पहनने के कारण हुई 22 साल की लड़की की हत्या के बाद ईरान में सैंकड़ों औरतों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हिजाब को सिर पर बाँधने की बजाए हाथ में रखा और हवा में उठा कर प्रशासन का विरोध किया। इस प्रदर्शन में कई पुरुष भी शामिल दिखे।

ईरान की महिलाओं के लिए मुखर होकर बात रखने वाली पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने इस प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया कि ईरान और सक्केज की औरतों ने महसा अमिनी की हत्या के विरोध में अपने हिजाब उतारकर प्रदर्शन किया। साथ ही ‘तानाशाह को मौत’ जैसे नारे बुलंद किए।

उन्होंने बताया, “ईरान में हिजाब हटाना एक दंडनीय अपराध है। हम दुनिया भर के महिलाओं और पुरुषों से एकजुटता दिखाने का आह्वान करते हैं।”

इससे पहले मसीह ने ही जानकारी दी थी कि कैसे ईरान की मोरल पुलिस ने महसा को निर्ममता से पीट पीटकर कोमा में पहुँचाया। कथिततौर पर महसा ने ईरान में रहकर सही से हिजाब नहीं पहना था इसलिए पुलिस ने उन पर हमला किया और उन्हें इतना मारा कि उनका पहले ब्रेन डेड हुआ, वो कोमा में गईं और उसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।

उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें बुर्का पहनी औरतें एक सूट सलवार पहनी औरत को निर्ममता से पीट रही हैं। मसीह का दावा है कि ये वीडियो ईरान की मोरल पुलिस की है। लोग आकर लड़की को बचा रहे हैं लेकिन पुलिस उन्हें पीटने में लगी है। वीडियो में जबरन लड़कियों को घसीट-घसीट कर पीटते देखा जा सकता है।

ट्विटर ने ईरानी पत्रकार का अकॉउंट कर दिया था ब्लॉक

हैरानी की बात ये है कि ईरान में महिलाओं के साथ होती ऐसी निर्ममता को शेयर करने वाली मसीह जहाँ ट्विटर के जरिए दुनिया को जमीनी हकीकत से वाकिफ करवा रही थीं। वहीं पूरे प्रकरण के बीच ट्विटर ने उनका अकॉउंट बंद कर दिया और उनसे वो दो तस्वीरें हटवाई गईं जिनमें ईरानी बर्बरता का शिकार हुई महिलाओं के चेहरे थे।

बाद में अकॉउंट वापस खुला लेकिन मसीह के अकॉउंट से वो दो तस्वीरें डिलीट थीं। ट्विटर की ऐसी कार्रवाई जानने के बाद यूजर्स ने ईरान के कट्टरपंथियों के साथ ट्विटर का भी विरोध किया। सवाल किए गए कि एक आपराधिक मानसिकता वाला व्यक्ति ट्विटर पर रह सकता है मगर अपराध को उजागर करने वाला व्यक्ति यहाँ नहीं टिक पाता।

बता दें कि 22 साल की लड़की की हत्या पर आवाज उठाने पर जैसे ऑनलाइन कार्रवाई हो रही है, वैसे ही ईरान में जमीन पर उतर कर प्रदर्शन करने वालों पर गोली चलाई जा रही है। मसीह द्वारा साझा वीडियो में ही देख सकते हैं कि कैसे ईरान में बंदूकों और आँसू गोलों से लोगों को घायल किया गया। लोग खून से लथपथ अवस्था में अस्पताल पहुँचाए जा रहे हैं।।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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