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‘सभी बुजुर्ग कर लें सामूहिक आत्महत्या’: Yale यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने दिया बढ़ती जनसंख्या का ‘समाधान’, प्रमोट करने के लिए NYT को लोगों ने लताड़ा

उन्होंने कहा कि उम्रदराज लोगों की जनसंख्या बढ़ने के कारण जापान बड़ी समस्या का सामना कर रहा है। उन्होंने 2021 के अंत में ही ये बात कही थी, जिसे अब NYT आगे बढ़ा रहा है।

जापान में बुजुर्गों की संख्या बढ़ने के बाद अमेरिका के कनेक्टिकट स्थित Yale यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने अजीबोगरीब सुझाव दिया है। उसके सुझाव को आगे बढ़ाने के लिए लोग ‘न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT)’ को भी जम कर लताड़ लगा रहे हैं। असल में, प्रोफेसर युसुके नरीता ने कहा है कि बाकियों की समस्या को कम करने के लिए जापान के सभी बुजुर्गों को सामूहिक आत्महत्या कर लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस समस्या का यही एकमात्र समाधान है, और स्पष्ट भी है।

उन्होंने कहा कि उम्रदराज लोगों की जनसंख्या बढ़ने के कारण जापान बड़ी समस्या का सामना कर रहा है। उन्होंने 2021 के अंत में ही ये बात कही थी, जिसे अब NYT आगे बढ़ा रहा है। हालाँकि, बाद में प्रोफेसर ने कहा था कि उनकी बातों को सन्दर्भ से हट कर लिया गया। जापान के योद्धाओं में पूर्व काल में एक ‘Seppuku’ का प्रचलन था, जिसमें कोई विकल्प न होने के बाद व्यक्ति खुद को ही कटार घोंप कर मार डालता था।

उन्होंने कहा था कि न सिर्फ बुजुर्गों को राजनीति, बल्कि कारोबार के क्षेत्र में भी नेतृत्व से बाहर धकेलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के लिए उन्हें जगह खाली करने की ज़रूरत है। अब सोशल मीडिया पर लोगों ने प्रोफसर और ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को लताड़ा है। एक अर्थशास्त्री ने तो यहाँ तक कहा प्रोफसर लोग उस बेकार वर्ग के होते हैं, जो लोगों को दिग्भ्रमित करते हैं। एक ने तो पहले प्रोफेसर को ही आत्महत्या करने की सलाह दे डाली।

कुछ विशेषज्ञों ने ये भी दवा किया कि सस्ती पब्लिसिटी के लिए और अपने करियर को चमकाने के लिए प्रोफेसर ने इस तरह का बयान दिया है। एक अन्य प्रोफेसर ने कहा कि खुद को लोगों के ध्यान में लाने के लिए इस तरह का बयान दिया गया है। हालाँकि, अब प्रोफेसर युसुकु नरितु ने ‘Mass Suicide’ शब्दों का प्रयोग करना बंद कर दिया है। उनका कहना है कि उनके आईडिया को गलत तरीके से लिया गया। NYT पहले भी प्रोपेगंडा फैलाता रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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