पप्पू पीएम नहीं चाहिए, मोदी बढ़िया काम कर रहे: NDTV पर भारत के #1 निवेशक

झुनझुनवाला ने दावा किया कि आर्थिक परिदृश्य उतना बुरा नहीं है, जितना दिखाया जा रहा है। उनके ‘सूत्रों’ ने उन्हें बताया अर्थव्यवस्था सुधार की ओर बढ़ रही है। मिडकैप शेयरों का उदाहरण देते हुए झुनझुनवाला ने दावा किया कि अब उनमें बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

किसी के घर में घुस कर उसे बेइज़्ज़त करना अमूमन अच्छा नहीं माना जाता। लेकिन भारत के चोटी के निवेशकों में शुमार राकेश झुनझुनवाला ने NDTV के पत्रकार श्रीनिवास जैन के साथ ऐसा ही सुलूक किया। उनके शो में बैठकर झुझुनावाला ने न केवल प्रधानमन्त्री मोदी की तारीफ की, बल्कि राहुल गाँधी के प्रधानमन्त्री बनने पर “I don’t want Pappu to be my Prime Minister” की बिजली से कुठाराघात भी कर दिया। जैन के ‘Executive Decision’ शो में झुनझुनवाला ने राम मन्दिर और कश्मीर के मुद्दों पर ही नहीं, बैंकिंग एनपीए और अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर भी मोदी के प्रति अपना समर्थन दोहराया

मोदी के समर्थन में झुनझुनवाला की बातों पर जब श्रीनिवास जैन ने झुनझुनवाला से पूछा कि क्या वे पिछली सरकारों (यानीमनमोहन सरकार) के कार्यकाल में भी कुछ तारीफ़ करने लायक देखते हैं, तो सवाल से बचते हुए झुनझुनवाला ने कहा कि जो बीत गया, उसे जाने देना चाहिए। लेकिन वे (झुनझुनवाला) मोदी-समर्थक हैं, और वे ‘पप्पू’ को अपना प्रधानमन्त्री नहीं देखना चाहते। उन्होंने साथ ही यह भी जोड़ा कि भारत के अब तक के सभी प्रधानमन्त्रियों में मोदी सबसे अधिक लोकप्रिय हैं।

वोटरों ने माँगा, मोदी ने दिया’

झुनझुनवाला से जैन ने सवाल किया कि क्या मोदी ने जनता से वह वादे पूरे किए, जिसके लिए जनता ने उन्हें 2014 में चुना था। तो झुनझुनवाला ने जवाब दिया कि मोदी के वोटर जो चाहते थे, वह सब मोदी ने किया। “उनके वोटर 370 हटाना चाहते थे। उनके वोटर राम मन्दिर चाहते हैं। उन्होंने इन वादों पर काम किया है।” इसके अलावा झुनझुनवाला ने मोदी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का भी ज़िक्र किया, जिनमें मोदी के पहले कार्यकाल की उज्ज्वला के अलावा उनके दूसरे कार्यकाल में ज़ोर पा रही “नल में जल” योजना भी है। झुनझुनवाला के अनुसार चूँकि भारत की 40% बीमारियाँ जलजनित हैं, अतः इस योजना से लोगों को बहुत लाभ होगा।

इससे नीचे नहीं जाएगा बाज़ार

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गहराती आर्थिक निराशा के बारे में झुनझुनवाला ने दावा किया कि आर्थिक परिदृश्य उतना भी बुरा नहीं है, जितना दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके ‘सूत्रों’ ने उन्हें बताया कि वर्तमान और निकट भूतकाल भले ही मंदी के रहे हों, लेकिन अर्थव्यवस्था सुधार की ओर बढ़ रही है। मिडकैप शेयरों का उदाहरण देते हुए झुनझुनवाला ने दावा किया कि पिछले 18 महीनों से इनमें गिरावट का दौर देखा जा रहा है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि वे इससे नीचे नहीं जा सकते और अब उनमें बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

हालाँकि उन्होंने निवेश के बारे में अंतिम निर्णय लेने के पहले लोगों को अपने निजी वित्तीय सलाहकारों से मशविरा कर लेने के लिए आगाह भी किया, लेकिन एक आम राय दी कि चूँकि मिडकैप बाज़ार में गिरावट चल रही है, स्तर न्यूनतम है और उछाल की आशा है, अतः यह इस सेगमेंट में निवेश का सबसे अच्छा समय हो सकता है।

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