Homeरिपोर्टकॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में पहली पंक्ति में दिखे सिख दंगों के आरोपित जगदीश टाइटलर

कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में पहली पंक्ति में दिखे सिख दंगों के आरोपित जगदीश टाइटलर

नानावती आयोग की रिपोर्ट में यह कहा गया था कि 1984 सिख दंगों में जगदीश टाइटलर के ख़िलाफ़ 'विश्वसनीय सबूत' हैं

सिख दंगों में आरोपित कॉन्ग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को दिल्ली में कॉन्ग्रेस के एक कार्यक्रम में पहली पंक्ति में बैठे देखा गया। इस कार्यक्रम की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने कॉन्ग्रेस को कटघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया। बता दें कि टाइटलर 1984 सिख दंगों के प्रमुख आरोपितों में से एक हैं। फरवरी 2018 में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें टाइटलर 100 सिखों की हत्या करने की बात कबूलते नजर आ रहे हैं। हाल ही में अदालत ने 1984 सिख दंगों के मामले में एक अन्य कॉन्ग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है।

जगदीष टाइटलर हाल के दिनों में कॉन्ग्रेस के औपचारिक समारोहों से गायब रहे हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी बहुत कम दिखते हैं। लेकिन आज (जनवरी 16, 2019) वह दिल्ली कॉन्ग्रेस की नवनियुक्त अध्यक्षा शीला दीक्षित के पद संभालने के औपचारिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर ने कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में टाइटलर की मौज़ूदगी को लेकर राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए कहा:

“पहले उनके परिवार ने जो किया, राहुल गाँधी उसी परम्परा को आगे बढ़ा रहे हैं। यह साफ़ तौर पर दर्शाता है कि उनके मन में सिखों की भावनाओं के लिए कोई क़द्र नहीं है।”

दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा ने भी कड़ा विरोध दर्ज़ कराते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने जगदीश टाइटलर को इस कार्यक्रम में बुला कर सिखों के घावों पर नमक रगड़ने का काम किया है।

समाचार एजेंसी ANI ने जब जगदीश टाइटलर से सज्जन कुमार की सज़ा के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि जब अदालत ने फ़ैसला दे ही दिया है तो अब कोई क्या कह सकता है? उन्होंने आगे कहा:

“आपलोग इस दंगे को लेकर मेरा नाम भी लेते हैं। क्यों? क्या कोई FIR है? क्या कोई केस है? नहीं। फिर आप मेरा नाम क्यों लेते हैं? बस किसी ने कुछ कह दिया और आपने इसे मान लिया?”

वहीं शिरोमणि अकाली दल के नेता और दिल्ली के विधायक मनजिंदर सिरसा ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा कि 1984 सिख नरसंहार के गवाहों को डराने के लिए कॉन्ग्रेस द्वारा यह एक बड़ा और स्पष्ट संदेश है।

बता दें कि भारत सरकार द्वारा गठित नानावती आयोग की रिपोर्ट में यह कहा गया था कि 1984 सिख दंगों में जगदीश टाइटलर के ख़िलाफ़ ‘विश्वसनीय सबूत’ मिले हैं। दिसंबर 2008 में सीबीआई की दो सदस्यीय टीम को दो प्रत्यक्षदर्शी, जसबीर सिंह और सुरिंदर सिंह के बयान दर्ज करने के लिए न्यूयॉर्क भेजा गया था। दोनों गवाहों ने कहा था कि उन्होंने दंगों के दौरान जगदीश टाइटलर को एक भीड़ का नेतृत्व करते देखा। हालाँकि सुरक्षा कारणों का हवाला देकर दोनों प्रत्यक्षदर्शियों ने भारत आने से इनकार कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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