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चिदंबरम के तिहाड़ जेल जाने पर कपिल सिब्बल को सताने लगी ‘मौलिक अधिकारों’ की चिंता

"हमारी मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा कौन करेगा? सरकार? सीबीआई? ईडी? या आयकर अधिकारी? या अदालतें? अगर अदालतें मान लेंगी कि ईडी और सीबीआई सही बोल रही हैं तो वह दिन दूर नहीं जब भगवती से वेंकटाचलिया युग में निर्मित आजादी के स्तंभ ढह जाएँगे।"

INX मीडिया घोटाले में कोर्ट के आदेश के बाद पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के तिहाड़ जाने के बाद कपिल सिब्बल ने ट्विटर के जरिए इस मामले पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल किया है कि अब आखिर हमारे मौलिक अधिकारों की रक्षा कौन करेगा।

कपिल सिब्बल ने ट्वीट करते हुए आज सुबह लिखा, “हमारी मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा कौन करेगा? सरकार? सीबीआई? ईडी? या आयकर अधिकारी? या अदालतें? अगर अदालतें मान लेंगी कि ईडी और सीबीआई सही बोल रही हैं तो वह दिन दूर नहीं जब भगवती से वेंकटाचलिया युग में निर्मित आजादी के स्तंभ ढह जाएँगे।”

हालाँकि, उनकी इस प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाँ आई हैं। जिसमें यूजर्स ने उन्हें जवाब देते हुए बहुत खरी-खोटी सुनाई हैं। एक यूजर ने सिब्बल को जवाब देते हुए लिखता है कि अब भ्रष्टाचार का समय खत्म हो चुका हैं। अब जेल भ्रष्टाचारियों का इंतजार कर रही हैं।

वहीं, दूसरा उनसे पलटकर सवाल करता नजर आया कि जब उनकी पार्टी सत्ता में थी तब उन्होंने ऐसे सवाल क्यों नहीं किए? क्या तब ये उचित नहीं था?

गौरतलब है कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की कस्टडी में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था और गुरुवार की रात ही पूर्व वित्त एवं गृह मंत्री को तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। जिसके बाद सुबह कपिल सिब्बल ने अपनी ये प्रतिक्रिया दी।

यहाँ बता दें कि तिहाड़ जाने से पहले चिदंबरम ने अदालत से कहा था कि वह जेड-श्रेणी की सुरक्षा के साथ जेल में रहना चाहते हैं, जहाँ पर एक बिस्तर दवाई की सुविधा, बाथरूम और वेस्टर्न टॉयलेट भी हो। अदालत द्वारा उनके इस निवेदन को स्वीकार कर लिया गया था और उन्हें उनके मुताबिक जेल में रहने की अनुमति दी गई थी

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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