कश्मीरी छात्राओं की पत्थरबाजी और Pak-जिंदाबाद के नारों से गरमाया देहरादून का माहौल

कश्मीरी छात्राओं ने हॉस्टल की छत से कैंडल मार्च में नारेबाजी करते हुए जाते लोगों पर न केवल पत्थर उछाले बल्क़ि पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए।

एक तरफ जहाँ श्रीनगर में भारतीय सुरक्षाबल हेल्पलाइन नंबर देकर कोशिश कर रही है कि कश्मीर के लोगों को किसी भी तरह की मुसीबत का सामना न करना पड़े, वहीं कुछ कश्मीरी स्वयं ही अपनी ओछी हरकतों के कारण लोगों का गुस्सा अपनी तरफ आकर्षित करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं।

ख़बर है कि देहरादून में पढ़ रही कई कश्मीरी छात्राओं ने हॉस्टल की छत से कैंडल मार्च में नारेबाजी करते हुए जाते लोगों पर न केवल पत्थर उछाले बल्क़ि पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए। इसके बाद कश्मीरी छात्राओं की इस हरक़त से गुस्साए वहाँ के स्थानीय लोगों ने हॉस्टल को घेर लिया। ये घटना मांडूवाला रोड पर एक निजी संस्थान के पास बने हॉस्टल की है, जिसमें 24 कश्मीरी छात्राएँ रहती हैं।

हिन्दुस्तान अख़बार के हरिद्वार संस्करण में 17 फरवरी 2019 को प्रकाशित ख़बर

मामले में बढ़ती तनातनी को देखकर पाँच थानों की पुलिस को वहाँ मौक़े पर बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में इन छात्राओं द्वारा भारत जिंदाबाद के नारे लगाने के बाद माहौल शांत हुआ और भीड़ वहाँ से हटी। घटनास्थल पर विधायक सहदेव पुंडीर भी पहुँचे।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

घटना के विरोध में कार्रवाई की माँग को लेकर लोगों ने सुद्दोवाला सड़क पर जाम लगा दिया था। साथ ही मोमबत्तियाँ जलाकर बलिदान हुए जवानों को श्रद्धांजलि भी दी गई। पुलिस ने बाद में किसी तरह से लोगों को शांत कराते हुए जाम खुलवाया।

इसके अलावा आतंकी हमले के बाद प्रेमनगर क्षेत्र में भी कुछ कश्मीरी छात्रों की ऐसे पोस्ट सामने आए, जिसमें जवानों पर हुए हमले का समर्थन किया गया था। यह तीनों ही छात्र प्रेमनगर थाना क्षेत्रों के अलग-अलग संस्थानों से हैं। इन तीनों ही छात्रों को इनके संस्थानों से निकाल दिया गया है।

दून में रहते हुए देश विरोधी प्रतिक्रियाओं पर पुलिस ने मुकदमों को दर्ज करना शुरू कर दिया है। ऐसे छात्रों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 505(2) के तहत मुकदमों को दर्ज किया जा रहा है। इस धारा में दोष सिद्ध होने के तहच पूरे पाँच साल की सज़ा होने का प्रावधान है।


शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

कॉन्ग्रेस

राहुल गाँधी की सुस्त रणनीति से चिंतित मीडिया, ‘इन्वेस्टमेंट’ खतरे में

मीडिया के एक धड़े में कॉन्ग्रेस की संभावित हार को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। शायद इतना ‘दाँव’ पर लगा है कि अब खुलकर भाजपा को हराने की हिमायत उनकी मजबूरी है।
आरफा खानम

शब्बीर बरखा को भेजता है अश्लील फोटो, आरफ़ा को ‘होली बिस्मिल्ला’ पर अशरफ़ी कहता है ‘डर्टी लेडी’

एक तरफ बरखा दत्त को अश्लील तस्वीर भेजने वाला शब्बीर है, वहीं दूसरी ओर 'द वायर' की पत्रकार आरफ़ा खानम हैं जिन्होंने होली मुबारक कहते हुए 'बिस्मिल्ला' शब्द लिखा तो 'सच्चे' मुसलमान भड़क उठे।
नीरव मोदी

नीरव मोदी की गिरफ़्तारी से दुःखी और अवसादग्रस्त कॉन्ग्रेस पेट पर मूसल न मार ले

कॉन्ग्रेस की यही समस्या है कि वो इतना नकारा तो चौवालीस सीट पाने के बाद भी नहीं महसूस कर पाया जितना विपक्ष में कि इतने नेताओं के महागठबंधन के बाद भी मोदी को घेरने के लिए उसके पास सिवाय अहंकार और अभिजात्य घमंड के और कुछ भी नहीं है।

स्वामी असीमानंद और कर्नल पुरोहित के बहाने: ‘सैफ्रन टेरर’ की याद में

कल दो घटनाएँ हुईं, और दोनों ही पर मीडिया का एक गिरोह चुप है। अगर यही बात उल्टी हो जाती तो अभी तक चुनावों के मौसम में होली की पूर्व संध्या पर देश को बताया जा रहा होता कि भगवा आतंकवाद कैसे काम करता है। चैनलों पर एनिमेशन और नाट्य रूपांतरण के ज़रिए बताया जाता कि कैसे एक हिन्दू ने ट्रेन में बम रखे और मुसलमानों को अपनी घृणा का शिकार बनाया।
रणजीत सिंह

कोहिनूर धारण करने वाला सिख सम्राट जिसकी होली से लाहौर में आते थे रंगीन तूफ़ान, अंग्रेज भी थे कायल

कहते हैं कि हवा में गुलाल और गुलाबजल का ऐसा सम्मिश्रण घुला होता था कि उस समय रंगीन तूफ़ान आया करते थे। ये सिख सम्राट का ही वैभव था कि उन्होंने सिर्फ़ अंग्रेज अधिकारियों को ही नहीं रंगा बल्कि प्रकृति के हर एक आयाम को भी रंगीन बना देते थे।

मोदी बनाम गडकरी, भाजपा का सीक्रेट ‘ग्रुप 220’, और पत्रकारिता का समुदाय विशेष

ये वही लम्पटों का समूह है जो मोदी को घेरने के लिए एक हाथ पर यह कहता है कि विकास नहीं हुआ है, रोजगार कहाँ हैं, और दूसरे हाथ पर, फिर से मोदी को ही घेरने के लिए ही, यह कहता है कि गडकरी ने सही काम किया है, उसका काम दिखता है।
मस्जिद

न्यूजीलैंड के बाद अब इंग्लैंड की 5 मस्जिदों पर हमला: आतंकवाद-रोधी पुलिस कर रही जाँच

हमलों के पीछे का मकसद अज्ञात है लेकिन वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ऐसा मान रही है कि सारे हमले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि आतंकवाद-रोधी पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
ताशकंद फाइल्स

The Tashkent Files: मीडिया गिरोह वालों… यह प्रोपेगेंडा नहीं, अपने ‘लाल’ का सच जानने का हक है

यह फिल्म तो 'सच जानने का नागरिक अधिकार' है। यह उस महान नेता की बहुत बड़ी सेवा है, जिसकी रहस्यमय मौत की पिछले 53 वर्षों में कभी जाँच नहीं की गई।
PM Modi मूवी ट्रेलर

PM NARENDRA MODI: जान डाल दिया है विवेक ओबेरॉय ने – दर्द, गुस्सा, प्रेम सब कुछ है ट्रेलर में

विवेक ओबेरॉय के अलावा बोमन इरानी, बरखा बिष्ट, मनोज जोशी, प्रशांत नारायण, राजेंद्र गुप्ता, जरीना वहाब और अंजन श्रीवास्तव मुख्य भूमिकाओं में होंगे। फिल्म का डायरेक्शन उमंग कुमार ने किया है।

‘अश्लील वीडियो बनाकर सेवादारों ने किया था ब्लैकमेल’, पुलिस ने पेश किया 366 पन्नों का चालान

ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर वह मानसिक रूप से बीमार हो गए थे। जाँच के आधार पर पुलिस का दावा है कि सुसाइड नोट को सेवादारों ने षड्यंत्र के तहत आत्महत्या करने से पहले लिखवाया था।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

24,263फैंसलाइक करें
6,161फॉलोवर्सफॉलो करें
30,697सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें


शेयर करें, मदद करें: