Tuesday, September 21, 2021
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अर्नब गोस्वामी पर हमला करने वाले प्रतीक और अरुण कॉन्ग्रेसी ही, दोनों की कुंडली से निकले पुख्ता सबूत

अर्नब गोस्वामी का हमलावर 1 - अरुण बुराडे, न केवल यूथ कॉन्ग्रेस का सदस्य है, बल्कि सायन कोलीवाडा विधानसभा में इंडियन यूथ कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष भी है। अर्नब गोस्वामी का हमलावर 2 - प्रतीक मिश्रा भी सक्रिय कार्यकर्ता है और उसने मल्लिकार्जुन खड़गे से अप्वॉइंटमेंट लेटर लेकर...

रिपब्लिक टीवी के एंकर अर्नब गोस्वामी पर कल देर रात हमला करने वाले यूथ कॉन्ग्रेस के सदस्यों को लेकर चर्चाएँ इस समय सोशल मीडिया पर गर्म हैं। इन दोनों ने कल देर रात अर्नब और उनकी पत्नी पर हमला किया। बाद में पकड़े जाने पर खुद की पहचान यूथ कॉन्ग्रेस के सदस्यों के रूप में बताई और कहा कि वे उन्हें सबक सिखाने आए थे। अब हालाँकि आरोपितों द्वारा खुद इस बात को स्वीकारे जाने के बाद भी वहाँ के डीसीपी इस घटना पर एक्शन लेने से टालमटोल करते रहे और कहते रहे कि ये जाँच का विषय है कि ये दोनों कॉन्ग्रेस के सदस्य हैं भी या नहीं।

अब ये प्रतीक कुमार मिश्रा और अरुण बुराड़े वास्तविकता में कौन हैं और इनका कॉन्ग्रेस से क्या संबंध है? इसी की पड़ताल करने के लिए ऑपइंडिया ने इनका सोशल मीडिया अकॉउंट खँगाला। ज्यादा स्क्रॉल किए बिना ही ये साबित हो गया कि इन दोनों युवकों ने पकड़े जाने के बाद अपनी जो पहचान बताई, ये वही हैं। यानी यूथ कॉन्ग्रेस के सदस्य।

अर्नब गोस्वामी का हमलावर 1 – अरुण बुराडे

दोनों में से एक आरोपित यानी अरुण बुराडे के अकॉउंट को देखने पर मालूम पड़ता है कि वह न केवल यूथ कॉन्ग्रेस का सदस्य है, बल्कि सायन कोलीवाडा विधानसभा में इंडियन यूथ कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष भी है।

अरुण की प्रोफाइल से मालूम चलता है कि वो लगातार भाजपा के ख़िलाफ़ और कॉन्ग्रेस के पक्ष में पोस्ट करता रहा है। उसकी तस्वीरों में वह कॉन्ग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ भी मौजूद है। 

बता दें कि मल्ल्किकार्जुन खड़गे कॉन्ग्रेस के वही नेता हैं, जिन्होंने कुछ समय पहले संविधान को बदले जाने का हवाला देते हुए रक्तपात की धमकी दी थी। साथ ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना जर्मन के हिटलर से की थी।

अर्नब गोस्वामी का हमलावर 2 – प्रतीक मिश्रा

अरुण बुराडे की तरह प्रतीक मिश्रा की प्रोफाइल से हालाँकि एक नजर में ये स्पष्ट नहीं होता कि वह कॉन्ग्रेस से जुड़ा है। मगर उसके पोस्ट पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि वो भी न केवल लंबे समय से कॉन्ग्रेस से जुड़ा हुआ था, बल्कि सक्रिय होकर उनके लिए काम भी कर रहा था।

5 फरवरी 2020 को उसने फेसबुक पर कुछ तस्वीरें डाली थीं। इन तस्वीरों में वह मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ नजर आया था। साथ ही इस पोस्ट में वह कॉन्ग्रेस के एक स्थानीय नेता को धन्यवाद दे रहा था कि उन्होंने उसे कोलिवाड़ा इलाके में काम करने का मौका दिया। इसके अलावा उसने खड़गे द्वारा प्राप्त अप्वॉइंटमेंट लेटर भी पोस्ट किया था।

आगे थोड़ा और खंगालकर देखें तो माालूम पड़ता है कि प्रतीक मिश्रा ने सीएए/एनआरसी के ख़िलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों का भी समर्थन किया था और नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ अपनी कुँठा जाहिर करते हुए खुद को रवीश कुमार का फैन बताया था। 

इसके अलावा उसकी टाइमलाइन पर और पीछे जाते हुए उसके कनेक्शन कॉन्ग्रेस से और भी मजबूत होते दिखते हैं। वे कॉन्ग्रेस के कार्यक्रमों से लेकर उनके धरने तक की हर तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते पाया जाता है।

गौरतलब है कि कल रात अर्नब पर हमले के तुरंत बाद कॉन्ग्रेस नेता अलका लांबा ने यूथ कॉन्ग्रेस की वाहवाही में पोस्ट किया था। जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके पुराने पोस्ट को शेयर करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने ही अर्नब के ख़िलाफ़ यूथ कॉन्ग्रेस को सड़क पर उतरने को उकसाया और अब उनकी जय-जयकार कर रही हैं। बता दें अलका लांबा ने देर रात ट्वीट करके “युवा कॉन्ग्रेस जिंदाबाद” लिखा था। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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