Saturday, May 15, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया शामली: मोमोज़-विवाद में नामजद लोगों के घर लगे 'पलायन' के बोर्ड, पुलिस ने कहा...

शामली: मोमोज़-विवाद में नामजद लोगों के घर लगे ‘पलायन’ के बोर्ड, पुलिस ने कहा स्टंट

ऐसा पहले भी हो चुका है कि सामान्य घटनाओं में शामिल संदिग्धों के बचाव और/या फिर हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए मामलों को बेवजह साम्प्रदायिक रूप दे दिया जाता है। लगभग साढ़े तीन साल पहले मणिपुर में यही हुआ था जब.....

शामली में कुछ दिन पहले मोमोज़ खाने को लेकर हुए दो समुदायों के विवाद के नामजदों की जब पुलिस ने धरपकड़ शुरू की तो समुदाय विशेष के बहुत से लोगों के घर ‘पलायन’, ‘मकान बिकाऊ है’ आदि लिखा जाने लगा है। जहाँ मीडिया इसे ‘डरा हुआ मजहब’ के अपने नैरेटिव के लिए ‘कच्चा माल’ मान रहा है, वहीं पुलिस ने इसे महज़ स्टंट और पुलिस पर दबाव बनाने का हथकंडा करार दिया है।

मोमोज़ खाने को लेकर हुई मारपीट, पुलिस पर हमला

मोमोज़ खाने को लेकर उत्तर प्रदेश के शामली में अजुध्या चौक बाजार में गुरुवार (जून 6, 2019) को 3 युवकों ने मोमोज़ खाने को लेकर बजरंग दल के 2 कार्यकर्ताओं पर हमला किया। हमले में दोनों कार्यकर्ता घायल हो गए। आरोपितों में से एक को पुलिस ने गिरफ्तार किया लेकिन मजहबी भीड़ ने इकट्ठा होकर पुलिस से हाथापाई शुरू कर दी और अपने साथी को भगा ले गए।

साजिद, आबिद और तौफिक नामक इन युवकों के भाग निकलने के बाद पुलिस ने 7-8 नामजदों और लगभग 25 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। नामजदों को पकड़ने के लिए दबिश शुरू हुई, और मामले की फुटेज इकठ्ठा होने लगी ताकि अज्ञातों की शिनाख्त हो सके। इसी के बाद ‘पलायन’, ‘मकान बिकाऊ है’ आदि लोगों के घरों के बाहर लिखा मिलने लगा।

पत्रकारिता के समुदाय विशेष का दोगलापन

वहीं दूसरी ओर पत्रकारिता के समुदाय विशेष ने इस मामले को भी ‘डरा हुआ मजहबी’ के अपने नैरेटिव में बुनते हुए हिन्दुओं के माथे ही मढ़ना शुरू कर दिया है। नवभारत टाइम्स (गाज़ियाबाद संस्करण, 29 जून) को लिखता है:

वहीं जब स्थानीय पुलिस अधिकारी से इस बाबत मीडिया ने बात की तो उन्होंने दो-टूक बताया कि पुलिस को दबाव में लेने, प्रशासन का ध्यान भटकाने और खुद को हिंसा करने के बाद पीड़ित दिखाए जाने की कोशिश हो रही है, और इसी के अंतर्गत पलायन और मकान बेचने का नाटक किया जा रहा है।

पहले भी हो चुका है

ऐसा पहले भी हो चुका है कि सामान्य घटनाओं में शामिल संदिग्धों के बचाव और/या फिर हिन्दुओं को बदनाम करने के लिए मामलों को बेवजह साम्प्रदायिक रूप दे दिया जाता है। लगभग साढ़े तीन साल पहले मणिपुर में यही हुआ था जब एक अध्यापक मोहम्मद हसमद अली की ज़मीन विवाद में हुई हत्या को मीडिया गिरोह ने गौरक्षकों का कृत्य दिखाने की कोशिश की थी। लेकिन उनका भांडा फोड़ते हुए खुद अली के बेटे ने अपने रिश्तेदार पर आरोप लगाया था

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

1971 में भारतीय नौसेना, 2021 में इजरायली सेना: ट्रिक वही-नतीजे भी वैसे, हमास ने ‘Metro’ में खुद भेज दिए शिकार

इजरायल ने एक ऐसी रणनीतिक युद्धकला का प्रदर्शन किया है, जिसने 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध की ताजा कर दी है।

20 साल से जर्जर था अंग्रेजों के जमाने का अस्पताल: RSS स्वयंसेवकों ने 200 बेड वाले COVID सेंटर में बदला

कभी एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में था BGML। लेकिन बीते दो दशक से बदहाली में था। आरएसएस की मदद से इसे नया जीवन दिया गया है।

₹995 में Sputnik V, पहली डोज रेड्डीज लैब वाले दीपक सपरा को: जानिए, भारत में कोरोना के कौन से 8 टीके

जानिए, भारत को किन 8 कोरोना वैक्सीन से उम्मीद है। वे अभी किस स्टेज में हैं और कहाँ बन रही हैं।

3500 गाँव-40000 हिंदू पीड़ित, तालाबों में डाले जहर, अब हो रही जबरन वसूली: बंगाल हिंसा पर VHP का चौंकाने वाला दावा

वीएचपी ने कहा है कि ज्यादातार पीड़ित SC/ST हैं। कई जगहों पर हिंदुओं से आधार, वोटर और राशन कार्ड समेत कई दस्तावेज छीन लिए गए हैं।

दिल्ली: केजरीवाल सरकार ने फ्री वैक्सीनेशन के लिए दिए ₹50 करोड़, पर महज तीन महीने में विज्ञापनों पर खर्च कर डाले ₹150 करोड़

दिल्ली में कोरोना के फ्री वैक्सीनेशन के लिए केजरीवाल सरकार ने दिए 50 करोड़ रुपए, पर प्रचार पर खर्च किए 150 करोड़ रुपए

महाराष्ट्र: 1814 अस्पतालों का ऑडिट, हर जगह ऑक्सीजन सेफ्टी भगवान भरोसे, ट्रांसफॉर्मर के पास स्टोर किए जा रहे सिलेंडर

नासिक के अस्पताल में हादसे के बाद महाराष्ट्र के अस्पतालों में ऑडिट के निर्देश तो दे दिए गए, लेकिन लगता नहीं कि इससे अस्पतालों ने कुछ सीखा है।

प्रचलित ख़बरें

हिरोइन है, फलस्तीन के समर्थन में नारे लगा रही थीं… इजरायली पुलिस ने टाँग में मारी गोली

इजरायल और फलस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष में एक हिरोइन जख्मी हो गईं। उनका नाम है मैसा अब्द इलाहदी।

दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर के बदले पड़ोसी ने रखी सेक्स की डिमांड, केरल पुलिस से सेक्स के लिए ई-पास की डिमांड

दिल्ली में पड़ोसी ने ऑक्सीजन सिलेंडर के बदले एक लड़की से साथ सोने को कहा। केरल में सेक्स के लिए ई-पास की माँग की।

1971 में भारतीय नौसेना, 2021 में इजरायली सेना: ट्रिक वही-नतीजे भी वैसे, हमास ने ‘Metro’ में खुद भेज दिए शिकार

इजरायल ने एक ऐसी रणनीतिक युद्धकला का प्रदर्शन किया है, जिसने 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध की ताजा कर दी है।

गाजा पर गिराए 1000 बम, 160 विमानों ने 150 टारगेट पर दागे 450 मिसाइल: बोले नेतन्याहू- हमास को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी

फलस्तीन के साथ हवाई संघर्ष के बीच इजरायल जमीनी लड़ाई की भी तैयारी कर रहा है। हथियारबंद टुकड़ियों के साथ 9000 रिजर्व सैनिकों की तैनाती।

जेल के अंदर मुख्तार अंसारी के 2 गुर्गों मेराज और मुकीम की हत्या, UP पुलिस ने एनकाउंटर में मारा गैंगस्टर अंशू को भी

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जेल में कैदियों के बीच गैंगवार की खबर। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फायरिंग में जेल के अंदर दो बदमाशों की...

1600 रॉकेट-600 टारगेट: हमास का युद्ध विराम प्रस्ताव ठुकरा बोला इजरायल- अब तक जो न किया वो करेंगे

संघर्ष शुरू होने के बाद से इजरायल पर 1600 से ज्यादा रॉकेट दागे जा चुके हैं। जवाब में गाजा में उसने करीब 600 ठिकानों को निशाना बनाया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,349FansLike
94,031FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe